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World Photography Day: कैमरे से पहला क्लिक, जो बन गया जीवन भर का साथी, 74 वर्ष की उम्र में है हाथों में जादू

Sat, 19 Aug 2023 12:37 AM IST
चमन शर्मा इकराम वारिस, अमर उजाला, अलीगढ़

सार

पूर्व प्रधानमंत्री पंडित जवाहर लाल नेहरू से लेकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी तक के अनगिनत फोटो अपने कैमरे से क्लिक किए हैं, जो यादगार बन गए। हम बात कर रहे हैं शहर के नामी गिरामी फोटाग्राफर के रूप में स्थापित हो चुके आगरा रोड निवासी श्याम सुंदर शर्मा की। किस तरह कैमरे की एक क्लिक ने श्याम सुंदर शर्मा की जिंदगी बदल दी।
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1975 के याशिका कैमरें को दिखाते श्याम सुंदर शर्मा - फोटो : संवाद
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विस्तार
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भले ही उम्र अब 74 बसंत पार कर चुके हैं, लेकिन इस उम्र में भी वे शानदार फोटो क्लिक करते हैं। ना हाथ हिलता है और ना ही पांव डगमगाते हैं। शहर में चाहें कोई सरकारी आयोजन हो या फिर राजनीति का आयोजन हो या बड़ी रैली हो अथवा विशाल समागम, वह आज भी युवा की तरह दौड़ लगा देते हैं। बस मकसद एक ही होता है कि कैमरे में ऐसी तस्वीर कैद हो जो किसी के पास न हो। 

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उन्होंने पूर्व प्रधानमंत्री पंडित जवाहर लाल नेहरू से लेकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी तक के अनगिनत फोटो अपने कैमरे से क्लिक किए हैं, जो यादगार बन गए। हम बात कर रहे हैं शहर के नामी गिरामी फोटाग्राफर के रूप में स्थापित हो चुके आगरा रोड निवासी श्याम सुंदर शर्मा की। किस तरह कैमरे की एक क्लिक ने श्याम सुंदर शर्मा की जिंदगी बदल दी। कैमरे से ऐसा नाता जुड़ा कि ताउम्र नहीं छूटा। कैसे अपने जीवन को फोटो की कलाकारी के लिए समर्पित कर दिया, सुनते हैं उन्हीं की जुबानी। 
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बात 1950 की है। मेरे बड़े भाई पंडित राधेश्याम शर्मा जो मेरे गुरु भी हैं। उन्होंने मुझे हाथों में कैमरा पकड़ा दिया। पहले थोड़ा डर लगा कि कहीं अच्छा फोटो न खींच सका तो भाई की डांट-फटकार सुननी पड़ेगी। भाई मेरे चेहरे पर छाए डर को भांप गए। उन्होंने हिम्मत दी तो थोड़ा उत्साह बढ़ा। मैं उस समय 21 वर्ष का था। फिर पूरे सुकून से कैमरे से एक क्लिक किया। भाई राधेश्याम शर्मा खुशी से झूम उठे। बोले, छोटे तुमने क्या फोटो क्लिक की है। सच में मजा आ गया। बस इसके बाद तो सबसे अच्छा दोस्त कैमरा बन गया। 

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वर्ष 1957 में अलीगढ़ में पहले फोटो स्टूडियो का शुभारंभ हुआ। उस दौर में कैमरे एक-दो लोगों के पास ही हुआ करते थे। एक स्टूडियो पर बड़े भाई तो दूसरे फोटो स्टूडियों पर बैठने लगे। चूंकि 1956 में उन्होंने मैंने शिमला से फोटोग्राफी सीखी थी, इसलिए स्टूडियो का नाम भी शिमला रख दिया। इसके बाद तो मानों मेरे अंदर बेहतरीन फोटो खींचने का जुनून सा सवार हो गया। 



अलीगढ़ में जितनी बड़ी जनसंभाएं हुईं, उन सबके फोटो मैंने खींचे हैं। पूर्व प्रधानमंत्री जवाहर लाल नेहरू, पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी, पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गांधी, पूर्व राष्ट्रपति डॉ. एपीजे अब्दुल कलाम, कांग्रेस नेता सोनिया गांधी, भाजपा नेता लालकृष्ण आडवाणी, फिल्म अभिनेता शत्रुघ्न सिन्हा, फिल्म डायरेक्टर महेश भट्ट समेत तमाम दिग्गज हस्तियों के फोटो क्लिक कर चुके हैं। इसके अलावा जिले की धरोहर शेखाझील, पक्षी विहार आदि प्रकृति से जुड़े तमाम फोटो उनकी बेहतरीन यादों में शामिल हैं।  

कैमरों का काफी पुराना है कलेक्शन 
श्याम सुंदर शर्मा बताते हैं कि फोटोग्राफी के लिए उन्हें तमाम पुरस्कार मिल चुके हैं। अब बच्चे और परिवार के लोग मना करते हैं कि यह सब छोड़ दीजिए। 74 वर्ष तक बहुत कुछ किया, इसलिए घर पर आराम करिए, मगर पुरस्कार और तालियां मेरे हाथों को कैमरे की मदद से क्लिक करने के लिए मजबूर कर देती हैं। लोगों का इतना प्यार मिलता है कि मैं अपने आपको रोक नहीं पाता। हर नई सुबह बेहतरीन करने के लिए कैमरा लिए निकल पड़ता हूं। उन्होंने बताया कि उनके पास पुराने समय से लेकर आधुनिक कैमरों का एक बड़ा कलेक्शन हैं। समय के साथ उन्होंने हर तरह के कैमरों को आजमाते हुए फोटो क्लिक की है। कई यादगार फोटो उन्हें आज भी कुछ और बेहतर करने की प्रेरणा देते हैं। 
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