रास्ते में पुलिस को भी सूचना दी। इसके बाद क्वार्सी के ट्रामा सेंटर पहुंचे । सूचना पर इलाका पुलिस के अलावा सीओ अतरौली राजीव द्विवेदी फील्ड यूनिट के साथ मौके पर आ गए। देर रात मामले की जांच पड़ताल जारी थी। सीओ अतरौली राजीव द्विवेदी का कहना है कि परिवार की रंजिश चल रही है। पूर्व में सोनू चौधरी की हत्या हुई है । इसके अलावा एक अन्य भाई की भी गांव की रंजिश में हत्या हो चुकी है। आज देवेंद्र ने खुद पर हमले की सूचना दी है। सभी पहलुओं से जोड़कर जांच की जा रही है । जांच व तहरीर के आधार पर ही अग्रिम कार्रवाई पर निर्णय लिया जाएगा। अभी घटना के विषय में कुछ स्पष्ट नहीं कहा जा सकता।
सोनू की हत्या में कुछ आरोपियों को मिलीं जमानत
25 जुलाई को कोंडरा स्थित घर से तालानगरी जा रहे कार सवार शैलेंद्र उर्फ सोनू चौधरी की बाइक सवार शूटरों ने तालानगरी में हत्या कर दी थी। मामले में पुलिस ने तालसपुर कलां के शूटर शिवा को मुठभेड़ में गिरफ्तार कर हत्याकांड का पर्दाफाश किया था। पुलिस ने बताया था कि सोनू चौधरी के पार्टनर रहे कोंडरा के दिनेश ने टाइगर गैंग के सरगना हेमू को 2.5 लाख रुपये में हत्या सुपारी दी थी। हेमू चौधरी ने गैंग के शूटर शिवा और मथुरा के राया के गजो निवासी संजू से हत्या कराई थी। इधर हत्या की साजिश रच कर हेमू अपने साथियों संग उज्जैन चला गया था। पुलिस ने दिनेश और टाइगर के गैंग के तीन और सदस्य आकाश भवनगढ़ी, सपेरा भानपुर के योगेश उर्फ कालू और कोंडरा के लकी को जेल भेजा था, जबकि हेमू छह अगस्त को राजस्थान के भरतपुर जिले के कुम्हेर थाना क्षेत्र में तमंचे सहित गिरफ्तार होकर जेल गया था। बाद में पुलिस उसे रिमांड पर लाई थी। इसी मामले में हेमू व दिनेश की जमानत अर्जी हाईकोर्ट में लंबित है, जबकि आकाश,योगेश व लकी की जमानत मंजूर हो गई है। पुलिस इसी जमानत प्रक्रिया से जोड़कर आज के हमले को देख रही है।
ट्रांसपोर्टर भाई का आरोप, मिल रही थीं धमकियां
सोनू चार भाइयों में तीसरे नंबर का था। सबसे बड़े भाई देवेंद्र गांव में खेतीबाड़ी व ट्रांस्पोर्ट संभालते हैं। सबसे छोटे भाई राजेश की गांव की रंजिश में 18 अप्रैल 2015 को हत्या हो गई थी। । सबसे छोटा संजय इंजीनियर है जो नोएडा में रहता है। इसी रंजिश में सोनू ने बुलेट प्रूफ जैकेट खरीदी थी। बाद में सोनू पर हमला हुआ था। मगर तब बच गया था। इसके बाद नई रंजिश में उसकी हत्या कर दी गई। देवेंद्र का आरोप है कि इसी मामले में पैरवी से हटने के लिए धमकियां मिल रहीं थीं। जिसमें का रिपोर्ट भी दर्ज कराई गई थी। आज यह घटना हुई है। इधर देर रात देवेंद्र को अस्पताल से छुट्टी दे दी गई, जबकि राहुल भर्ती हैं।
फॉरेंसिक टीम जुटा रही फायरिंग के सुराग
इस घटना को लेकर पुलिस अभी स्पष्ट रूप से कुछ नहीं कह रही। सीओ अतरौली राजीव द्विवेदी का कहना है कि अभी फॉरेंसिक टीम को घायलों से बैलेस्टिक नमूने लेने के बाद घटनास्थल पर व गाड़ी की जांच के लिए भेजा गयाहै। तभी तस्वीर साफ होगी कि घटना किस तरह से व किन लोगों द्वारा की गई है। एक टीम को सीसीटीवी देखने को भी लगाया है।