मथुरा रोड पर नगर निगम का कई दशक पुराना कूड़ा विलोपित स्थल है। इस स्थान पर अब तक एटूजेड द्वारा कूड़ा एकत्रित किया जाता था। एक माह पहले शहर से कूड़ा उठाने का काम एटूजेड को हटाकर दूसरी कंपनी को दे दिया गया है। प्लांट में शाम करीब पांच बजे से कूड़े के ढेर में आग लगना शुरू हुआ। चूंकि एटूजेड से काम हट गया है, इसलिए वहां कंपनी के लोग भी बहुत ध्यान नहीं देते। आग लगने पर किसी ने ध्यान नहीं दिया।
नगर निगम के कूड़ा विलोपित स्थल एटूजेड प्लांट में लगे कूड़े के ढेर में 29 मई शाम आग लग गई और देर रात आग ने विकराल रूप धारण कर लिया। आसपास के इलाकों में दहशत का माहौल बन गया। देर रात समाचार लिखे जाने तक दर्जन भर दमकल व नगर निगम की गाड़ियों की मदद से आग बुझाने के प्रयास जारी थे। डर इस बात का था कि आग की लपटें आसपास की आबादी तक न पहुंच जाएं।
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मथुरा रोड पर नगर निगम का कई दशक पुराना कूड़ा विलोपित स्थल है। इस स्थान पर अब तक एटूजेड द्वारा कूड़ा एकत्रित किया जाता था। एक माह पहले शहर से कूड़ा उठाने का काम एटूजेड को हटाकर दूसरी कंपनी को दे दिया गया है। यहां लगे कूड़े से खाद व बिजली आदि बनाने का प्लांट भी तैयार हो रहा है। एटूजेड के प्लांट में ही शाम करीब पांच बजे से कूड़े के ढेर में आग लगना शुरू हुआ। चूंकि एटूजेड से काम हट गया है, इसलिए वहां कंपनी के लोग भी बहुत ध्यान नहीं देते। आग लगने पर किसी ने ध्यान नहीं दिया। मगर कुछ ही देर में शाम होते होते आग ने विकराल रूप धारण कर लिया और सूखे कूड़े के ढेर में चारों ओर आग लग गई।
कुछ ही देर में दूर तक लपटें देखी जाने लगीं और धुआं भी आसपास के लोगों को परेशान करने लगा। हालांकि आबादी इस से कुछ दूरी पर है। मगर लोग दहशत में आ गए। शुरुआत में दो दमकलें पहुंचीं। मगर लगा कि इससे हालात काबू नहीं होंगे तो दमकलों व नगर निगम की गाडि़यों सहित दर्जन भर वाहन पहुंच गए। देर रात नगर आयुक्त अमित आसेरी, एडीएम सिटी अमित कुमार भट्ट भी पहुंच गए। अग्निशमन विभाग की टीमों और नगर निगम की गाड़ियों से चारों ओर से आग बुझाने के प्रयास जारी थे। प्रयास किया जा रहा था कि आग की लपटें आबादी क्षेत्र की ओर ने पहुंच जाएं। नगर निगम प्रवक्ता के अनुसार आग पर नियंत्रण की हर संभव कोशिश जारी है। आग किन कारणों से लगी, अभी यह कहना मुश्किल है।