अदालत के आदेश पर केनरा बैंक की जिला पंचायत शाखा के मैनेजर के खिलाफ केस दर्ज किया गया है। उन पर सड़क हादसे में मृत युवक के मुआवजे की 1.80 लाख रुपये से अधिक की एफडी का भुगतान मिलीभगत कर निकालने का आरोप है। पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है।
अदालत के आदेश पर सिविल लाइंस थाने में केनरा बैंक की जिला पंचायत शाखा के मैनेजर के खिलाफ केस दर्ज किया गया है। उन पर सड़क हादसे में मृत युवक के मुआवजे की 1.80 लाख रुपये से अधिक की एफडी का भुगतान मिलीभगत कर निकालने का आरोप है। पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है।
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गोंडा क्षेत्र के ढाटौली गांव निवासी किरनपाल सिंह ने अदालत में प्रार्थना पत्र देकर बताया कि उनके भाई विनय कुमार की 16 नवंबर 2008 को मथुरा के राया में सड़क हादसे में मौत हो गई थी। इसके बाद उनके माता-पिता सावित्री देवी और गजपति सिंह ने मोटर दुर्घटना दावा अधिकरण में मुआवजे के लिए याचिका दायर की थी।
किरनपाल के मुताबिक, अधिकरण के आदेश पर नौ दिसंबर 2010 को जिला पंचायत परिसर स्थित तत्कालीन सिंडिकेट बैंक, अब केनरा बैंक, की शाखा में उनकी मां सावित्री देवी के नाम 1,80,050 रुपये की तीन साल की एफडी कराई गई थी। उन्होंने बताया कि 27 मई 2025 को जिला विधिक सेवा प्राधिकरण से पत्र मिलने पर वह अपनी बुजुर्ग मां के साथ कार्यालय पहुंचे। वहां रिपोर्ट में एफडी का मूल दस्तावेज जमा होना बताया गया। इसके बाद वह एफडी लेकर बैंक में भुगतान के लिए पहुंचे।
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आरोप है कि बैंक मैनेजर ने बताया कि एफडी का भुगतान 10 जून 2014 को ही हो चुका है। बैंक स्टेटमेंट में भी भुगतान दर्ज था। किरनपाल का कहना है कि उनकी मां सावित्री देवी रकम लेने कभी बैंक गई ही नहीं थीं। उन्होंने बैंक मैनेजर पर मिलीभगत कर रकम हड़पने का आरोप लगाया है। शिकायतकर्ता ने मामले में कार्रवाई के लिए अदालत का रुख किया था। सीओ सर्वम सिंह के मुताबिक कोर्ट के आदेश पर पुलिस ने केस दर्ज कर लिया है। अब बैंक के दस्तावेजों और भुगतान संबंधी रिकॉर्ड की जांच की जा रही है।