आरजेडी की प्रवक्ता प्रियंका भारती के खिलाफ अलीगढ़ के रोरावर थाने में दर्ज मुकदमे में दायर अंतिम रिपोर्ट अदालत ने खारिज कर दी है। अदालत ने इस मुकदमे में अग्रिम विवेचना के आदेश देते हुए प्रगति से अवगत कराने को कहा है। यह मुकदमा मनु स्मृति पर दिए गए बयान व उसे फाड़ने पर राष्ट्रीय सवर्ण परिषद के संगठन मंत्री व कथावाचक आचार्य भरत तिवारी ने दर्ज कराया था।
रोरावर थाने में 29 दिसंबर 2024 को दर्ज मुकदमे के अनुसार प्रियंका भारती ने लाइव टीवी डिबेट में मनु स्मृति पर विवादित बयान दिया था। साथ ही पूर्व नियोजित तरीके से अपमान के साथ फाड़ने का आरोप था। इससे लोगों की भावनाएं आहत हुईं। पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर मामले में अंतिम रिपोर्ट अदालत में दायर कर दी। पुलिस का तर्क था कि यह घटना चूंकि दिल्ली में हुई है, इसलिए यहां विवेचना नहीं हो सकती।
इस पर भरत तिवारी ने अधिवक्ता के माध्यम से पुलिस अंतिम रिपोर्ट के खिलाफ आपत्ति दायर की। इसमें उनके अधिवक्ता अरुण चौहान की ओर से यह दलील दी गई कि इस तरह के मामलों में बीएनएसएस में यह प्रावधान है कि किसी भी मुकदमे की विवेचना के साथ ट्रायल वहां भी चल सकता है, जहां उसे देख सुनकर किसी की भावना आहत हुई हो।
इसी तर्क को ध्यान में रखते हुए सिविल जज एफटीसी राशि तोमर की अदालत ने पुलिस की अंतिम रिपोर्ट खारिज कर अग्रिम विवेचना के आदेश दिए हैं। साथ में विवरण भी तलब किया है। इस मुकदमे को पुलिस ने 29 दिसंबर को दर्ज किया था। इसके ठीक दो दिन बाद यानि 31 दिसंबर को इस तर्क के साथ अंतिम रिपोर्ट लगा दी थी कि घटना दिल्ली में हुई है।