जम्मू-कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला द्वारा चुनाव प्रचार के दौरान की गई विवादित टिप्पणी पर बुधवार को पूर्व जिला मीडिया प्रभारी भाजपा मयंक अग्रवाल ने एसीजेएम कोर्ट द्वितीय में उनके खिलाफ देशद्रोह, धार्मिक उन्माद फैलाने के संबंध में याचिका दायर की है। याचिका में कहा गया है कि पूर्व मुख्यमंत्री विवादित टिप्पणियों से चुनाव में लाभ लेना चाहते हैं, इस पर मुकदमा दर्ज कराया जाए।
पूर्व मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने एक अप्रैल को जम्मू-कश्मीर के बांदीपोरा में चुनाव प्रचार के दौरान देश की एकता व अखंडता को तोड़ने की बात कही थी। उन्होंने कहा था कि कश्मीर में भी अलग प्रधानमंत्री होना चाहिए। उनकी पार्टी जम्मू-कश्मीर को विशेष दर्जे पर किसी भी तरह के हमले को स्वीकार नहीं करेगी।
उनका यह भाषण थाना सासनी गेट के शाहपाड़ा निवासी भाजपा के पूर्व मीडिया प्रभारी मयंक अग्रवाल अपने परिजन विकास बंसल, शीतल बंसल, बिंदु अग्रवाल व अमित वार्ष्णेय के साथ टीवी पर सुन रहे थे। आरोप है कि भाषण सुनकर उनकी भावनाएं आहत हुईं।
उन्होंने कहा कि अगर ऐसा हुआ तो हिंदुओं के धार्मिक स्थल माता वैष्णो देवी व अमरनाथ में जाने के लिए भी पासपोर्ट और वीजा की जरूरत पड़ेगी। उनके बयान ने करोड़ों हिंदुओं की आस्था को आघात पहुंचाया है। उन्होंने बुधवार को उमर अब्दुल्ला के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराने के लिए एसीजेएम कोर्ट द्वितीय में याचिका दायर की है। कोर्ट ने थाना सासनी गेट से 22 अप्रैल को इस संबंध में आख्या प्रस्तुत करने का आदेश दिया है।