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एएमयू सलेक्शन कमेटी के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर

Tue, 10 May 2016 01:46 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
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एएमयू - फोटो : अलीगढ़/ब्यूरो
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सुप्रीम कोर्ट ने अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय में चल रहे सलेक्शन कमेटी के खिलाफ याचिका दर्ज कर ली है। इससे एक बार फिर एएमयू इंतजामिया कठघरे में खड़ी नजर आ रही है। सुप्रीम कोर्ट द्वारा रिट दायर कर लिए जाने से इंतजामिया की परेशानी बढ़ गई है।
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अमुटा के ज्वाइंट सेेक्रेटरी अशरफ मतिन समेत एएमयू के तीन शिक्षकों ने सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर कर सलेक्शन कमेटी पर सवाल उठाया है। इसमें सलेक्शन कमेटी में यूजीसी अधिनियम 2010 का उल्लंघन का आरोप लगाया गया है। शिक्षकों ने सुप्रीम कोर्ट से न्याय की गुहार लगाई है।
अमुटा सचिव सैयद मुस्तफा जैदी का कहना है कि इस मामले की सुनवाई 8 जुलाई को होगी। इसे कुलपति की योग्यता से संबंधित मामले से अटैच कर दिया गया है। सोमवार को न्यायमूर्ति जे चेलमेश्वर एवं न्यायमूर्ति अभय मनोहर सप्रे की अदालत में रिट याचिका स्वीकार की गई।  जानकारों का कहना है कि पहली बार ऐसा हो रहा है कि सलेक्शन कमेटी से संबंधित मामला सीधे सुप्रीम कोर्ट में स्वीकार की गई है। सामान्यत: ऐसे मामले हाई कोर्ट के माध्यम से सुप्रीम कोर्ट में पहुंचते थे।
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एएमयू के पूर्व प्रॉक्टर डॉ. आसिफ को कारण बताओ नोटिस
अलीगढ़। प्रॉक्टर पद से हाथ धोने के बाद कुलपति के विरोध में मोर्चा खोलने वाले डॉ. एम आसिफ खान को इंतजामिया ने कारण बताओ नोटिस जारी किया है। इससे यूनिवर्सिटी की राजनीति एक बार फिर गरमा गई है। प्रॉक्टर पद से हटाए जाने के बाद डॉ. एम आसिफ ने कुलपति जमीरउद्दीन शाह के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। उन्होंने कुलपति पर नियुक्ति से लेकर प्रमोशन तक में अनियमितता का आरोप लगाया था। अब इंतजामिया ने डॉ. आसिफ को निर्देशित किया है कि वह जो भी आरोप लगाए है, उसी निकट भविष्य में एएमयू एग्जीक्यूटिव काउंसिल में साबित करे। इसके साथ ही उन्हें एक नोटिस देकर पूछा गया है कि आपकी दो जन्म तिथि है। कौन सी ओरिजनल जन्म तिथि है, उसे दिखाए। डॉ. आसिफ ने भी इंतजामिया द्वारा नोटिस जाने की पुष्टि की और कहा कि उन्होंने रजिस्ट्रार को जन्म तिथि से संबंधित ओरिजनल डाक्यूमेंट दिखा चुका हूं और उसकी फोटो कॉपी रजिस्ट्रार कार्यालय में जमा कर दी है। उनका कहना है कि वे इस परिस्थिति के लिए पहले से ही मानसिक रूप से तैयार है। उन्हें पता है कि मुखालफत के बाद ऐसी स्थितियों का सामना करना पड़ेगा।
सुप्रीम कोर्ट के फैसले पर एएमयू की नजर
अलीगढ़। नेशनल एलिजिबिलिटी एंट्रेस टेस्ट (एनईईटी) को लेकर सुप्रीम कोर्ट के फैसले पर एएमयू की नजर है। एएमयू कंट्रोलर प्रो. जावेद अख्तर ने बताया कि सोमवार को इसकी सुनवाई हुई। मंगलवार को फैसला आने की उम्मीद है। एएमयू प्रशासन की आशा भरी नजर इस फैसले पर है। उल्लेखनीय है कि एएमयू प्रशासन इस साल एनईईटी से छूट चाहता है। सुप्रीम कोर्ट से आग्रह किया गया था कि एएमयू एमबीबीएस/बीडीएस संयुक्त प्रवेश परीक्षा का प्रथम चरण आयोजित किया जा चुका है और दूसरे चरण की तैयारी एडवांस स्टेज में है। प्रथम चरण की परीक्षा में करीब 55 हजार अभ्यर्थी शामिल हुए थे, जिनमें से करीब 16 हजार अभ्यर्थियों का चयन दूसरे चरण के लिए किया गया है। दूसरे चरण की परीक्षा 1 जून को प्रस्तावित है।
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