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सीसीटीवी में कैद मारपीट...सोशल मीडिया पर डॉक्टर की ‘खिंचाई’

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केके हॉस्पीटल में डॉ. सागर वार्ष्णेय के साथ हुई मारपीट में घायल। - फोटो : CITY OFFICE
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केके हॉस्पिटल प्रकरण में शुक्रवार देर शाम से हुए प्रयास के बाद शनिवार दोपहर को हॉस्पिटल का सीसीटीवी पुलिस देख पाई और घटना का सीसीटीवी फुटेज सामने आ गया। जिसमें खुद डॉक्टर सागर वार्ष्णेय, उनके बाउंसर व स्टाफ तीमारदार को पीटते कैद हैं। साथ में पुलिस बीचबचाव करती और दोनों पक्षों को खींच-खींचकर अलग करती दिखाई दे रही है।
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इस धक्कामुक्की और खींचतान में ही इंस्पेक्टर का चश्मा टूटा है और नेम प्लेट तक वर्दी से गिरी है। यह वीडियो बाहर आते ही कुछ ही देर में सोशल मीडिया पर वायरल हो गया और फिर सोशल मीडिया के अलग-अलग प्लेटफार्म पर डॉक्टर की जमकर ‘खिंचाई’ का भी दौर शुरू हुआ है। इस वीडियो के आने के बाद डॉक्टरों के खेमों में भी अंदरखाने सुगबुगाहट शुरू हो गई है।
शुक्रवार दोपहर बाद हुई घटना के बाद जब पुलिस व इंस्पेक्टर पर डॉक्टर सागर को पीटते हुए खींचकर ले जाने का आरोप लगा। उस घटना का वीडियो वायरल हुआ तो पुलिस उसी समय से हॉस्पिटल के सीसीटीवी फुटेज मांग रही थी। मगर, फुटेज दिखाए नहीं जा रहे थे। शनिवार को जब जाम व धरना चल रहा था तो पुलिस अधिकारियों ने उस फुटेज को दिखाने पर जोर दिया। कहा कि जब तक तस्वीर साफ नहीं होगी, तब तक कैसे जांच की जा सकती है। इस पर डॉक्टर सीसीटीवी फुटेज दिखाने को तैयार हुए।
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इस पर पुलिसकर्मियों ने डीवीआर से शुक्रवार की घटना के फुटेज संकलित किए। जिसमें कैद है कि तीमारदार काउंटर स्टाफ से बात करते हुए बाहर लॉबी में निकल रहा है। अंदर से डा. सागर, बाउंसर व अन्य स्टाफ आते हैं। इसी बीच बातचीत में खींचतान शुरू होती है और फिर तीमारदार को पीटा जाता है। स्टाफ ने तो स्टैंड व कुर्सियां तक हाथ में ले रखी हैं। इसी बीच इंस्पेक्टर सहित पुलिस की एंट्री होती है और वे सभी को खींच-खींचकर अलग कर रहे हैं। इसके बाद दोनों पक्षों को थाने ले जाया जाता है। यह वीडियो सोशल मीडिया पर खूब वायरल हो रहा है। जिस पर लोग डॉक्टर को लेकर तरह-तरह की टिप्पणी कर रहे हैं।
साजिशन वायरल किया वीडियो, प्रदेश भर में छिड़ेगा आंदोलन
डॉक्टर-तीमारदार मारपीट व पुलिस रवैये पर आईएमए, पीडीए व केके हॉस्पिटल संचालक बेहद आगबबूला हैं। उनका साफ कहना है कि आईजी के आश्वासन के बाद हमने धरना व जाम खत्म किया है। मगर हड़ताल बरकरार है। जो वीडियो वायरल किया गया है, वह भी पुलिस की साजिश का हिस्सा है। डॉक्टर्स यूनियन से प्रदेश स्तर पर बातचीत चल रही है। प्रदेश भर में डॉक्टरों के स्तर से आंदोलन के संकेत मिल रहे हैं। खुद डॉक्टर केके वार्ष्णेय ने भी प्रदेश नेतृत्व से आंदोलन में सहयोग का अनुरोध किया है।
- हमारी इंस्पेक्टर क्वार्सी को निलंबित किए जाने की मांग को लेकर हड़ताल जारी है। आईजी से मुलाकात में जांच व कार्रवाई का भरोसा मिला है। तब तक हड़ताल जारी रहेगी। आईएमए प्रदेश नेतृत्व से भी आंदोलन पर वार्ता चल रही है। रहा सवाल वायरल वीडियो का तो जो फुटेज वायरल किया गया है, उसमें वही हिस्सा दिखाया गया है, जिसमें तीमारदार को पीटा जा रहा है। दूसरा हिस्सा नहीं दिखाया जा रहा है। यह पुलिस की साजिश का हिस्सा है।-डॉ.भरत वार्ष्णेय, आईएमए सचिव
- इंस्पेक्टर के निलंबन को लेकर हड़ताल जारी है। हम अब जांच पूरी होने तक इंतजार करेंगे। इसके बाद आगे रणनीति बनेगी। रविवार को फिर एक बैठक होगी। रहा सवाल वीडियो का तो वही हिस्सा दिखाया जा रहा है, जिसमें तीमारदार पिट रहा है। मगर तीमारदार के पीटने वाला हिस्सा नहीं वायरल किया गया है। यह वीडियो पुलिस ने किस उद्देश्य से बाहर पहुंचाया।-डॉ.केके वार्ष्णेय, निदेशक केके हॉस्पिटल
-प्रदेश भर की नर्सिंग होम एसोसिएशन से आंदोलन में सहयोग के संकेत मिले हैं। उम्मीद है कि जल्द यह आंदोलन प्रदेश स्तर पर शुरू हो जाएगा। वहीं पुलिस ने जो वीडियो वायरल किया है, उससे पुलिस की मंशा साफ होती है, क्योंकि यह वीडियो सिर्फ पुलिस को ही दिया गया था। फिर बाहर कैसे आया।-डॉ.संजीव गर्ग, पीडीए
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