जिले में खाद की जबरदस्त किल्लत है। सहकारी समिति महौ पर शुक्रवार को दो बोरी खाद लेने के लिए किसानों सात घंटे तक इंतजार करना पड़ा। इससे किसान भड़क गए और उन्होंने हंगामा कर दिया। सूचना पर पहुंची पुलिस की निगरानी में खाद बांटी गई।
किसानों ने बताया कि खाद लेने के लिए पहले दो घंटे लाइन में लगकर टोकन लिया, फिर दो घंटे इंतजार के बाद बायोमीट्रिक प्रक्रिया पूरी कराई। इसके दो से तीन घंटे बाद दो बोरी खाद मिलने का नंबर आया। इसमें छह से सात घंटे लग गए।
शुक्रवार को जंक्शन सहकारी समिति व महौ सहकारी समिति पर खाद लेने के लिए किसानों की भीड़ जुटी। सहकारी समिति महौ पर मौजूद किसानों ने बताया कि वे सुबह 4 बजे खाद लेने आ गए थे। सुबह 11 बजे तक खाद वितरण के लिए आईडी नहीं खुलने की बात कही गई।
जिससे उनका सब्र जवाब दे गया। हंगामे के बाद करीब साढ़े ग्यारह बजे से खाद का वितरण शुरू हुआ। दोपहर चार बजे तक वितरण हो सका। हंगामे की सूचना पर थाना पुलिस भी मौके पर पहुंच गई। पुलिस की निगरानी में किसानों को खाद का वितरण कराया गया।
अभी 20 लोगों को खाद मिली है। सुबह तीन बजे से आया हूं। अभी तक मेरा नंबर नहीं आया है। मैं खाना खाकर भी नहीं आया। मेरा नंबर दोपहर तीन बजे तक आएगा। तब तक रुकना पड़ेगा।
रवि कुमार, नूरपुर।
गांव महौ की सहकारी समिति पर खाद का वितरण करने के लिए धोखाधड़ी से लोगों के नाम लिख दिए गए हैं। मेरा नंबर बहुत
आखिर में है। कुछ लोगों ने हंगामा किया तो मौके पर पुलिस पहुंची।
राजकुमार, मलहा।
मैं सुबह 4 बजे से समिति पर आया हूं। काफी देर तक लाइन में खड़ा रहा, अभी तक मेरा नंबर नहीं आया है। पहले से ही लोगों के नंबर लगे हैं। हंगामे के बाद खाद मिलना शुरू हुआ।
-रामजी लाल, महौ।
सुबह पांच बजे से आई हूं। अभी तक खाद नहीं मिली है। मैं घर पर खाना भी नहीं बनाकर आई हूं। लाइन में खड़े-खड़े बहुत देर हो गई है। अब समझ में नहीं आ रहा है, कब नंबर आएगा।
केला देवी, महौ।
सभी सहकारी समितियों पर खाद उपलब्ध है और इसका वितरण किया जा रहा है। भीड़ के कारण खाद मिलने में देरी हो जाती है। किसानों को सब्र रखना चाहिए। सबको खाद मिलेगी।
-आरएस श्रीवास्तव, एआर कोऑपरेटिव।