एएमयू छात्रसंघ चुनाव में मतदान के अधिकार को लेकर नया विवाद खड़ा होता नजर आ रहा है। कैंपस में पढ़ने वालीं और बेगम अजीजुनिसा हॉल व इंदिरा गांधी हॉल में रहने वालीं स्नातक चतुर्थ वर्ष की छात्राओं ने दो टूक कहा है कि अगर उन्हें यूनिवर्सिटी कैंपस में वोट डालने का अधिकार नहीं मिला तो वे चुनाव का बहिष्कार करेंगी।
छात्राओं ने यह बात छात्रसंघ चुनाव की बहाली की मांग को लेकर 19 दिन तक भूख हड़ताल करने वाले यासिर फहद से मुलाकात के दौरान कही। बुधवार देर शाम यासिर फहद अध्यक्ष पद के प्रत्याशी मोहम्मद जुहैर के साथ चुनाव कार्यालय पहुंचे। यहां उन्होंने मुख्य चुनाव अधिकारी से मुलाकात कर छात्राओं की मांग और उनकी नाराजगी से अवगत कराया।
यासिर फहद ने बताया कि छात्राओं का कहना है कि जब वे वीमेंस कॉलेज में नहीं पढ़ती हैं, तो वहां मतदान करने का अधिकार किस नियम के तहत दिया जा सकता है? ऐसे में उन्हें यूनिवर्सिटी कैंपस में ही मतदान का अधिकार मिलना चाहिए। छात्राओं ने चेतावनी दी है कि अगर उनकी मांग पर विचार नहीं किया गया तो वे चुनाव प्रक्रिया से दूरी बनाएंगी।
अलगाववादी विचारधारा का अड्डा नहीं बनने देंगे एएमयू को : नदीम
एएमयू छात्रसंघ के पूर्व उपाध्यक्ष मोहम्मद नदीम अंसारी ने कहा कि एएमयू की पहचान शिक्षा, आपसी भाईचारे और सांविधानिक मूल्यों से है। यूनिवर्सिटी को अलगाववादी विचारधारा का मंच नहीं बनने देना चाहिए। नदीम अंसारी कहा कि उन्हें कश्मीरी छात्रों से कोई शिकायत नहीं है और उनका सम्मान किया जाना चाहिए।
नामांकन आज से :
मुख्य चुनाव अधिकारी प्रो. जावेद तालिब के अनुसार, सुबह 10 बजे से दोपहर 1 बजे तक एएमयू कोर्ट मेंबर पद के प्रत्याशियों का नामांकन अलग-अलग संकाय में होगा। दोपहर 2 बजे शाम 5 बजे तक अध्यक्ष, उपाध्यक्ष, सचिव और कैबिनेट पद के प्रत्याशियों का नामांकन यूनियन हॉल में होगा।
कम उपस्थिति से चुनाव नहीं लड़ सकेंगे कई विद्यार्थी
एएमयू छात्रसंघ चुनाव में 75 फीसदी से कम कक्षा उपस्थिति कई विद्यार्थियों के लिए बाधा बन गई है। निर्धारित उपस्थिति मानक पूरा नहीं करने के कारण कई विद्यार्थी चुनाव लड़ने से वंचित रह गए हैं। नामांकन प्रक्रिया शुरू होने के साथ ही पात्रता मानकों को लेकर छात्रों के बीच चर्चा तेज हो गई है।
काले झंडे देख हैरत में पड़े छात्र
एएमयू छात्रसंघ चुनाव के माहौल में अध्यक्ष पद के एक प्रत्याशी की बाइक रैली चर्चा का विषय बन गई। रैली में एक-दो नहीं, बल्कि कई काले रंग के झंडे देखकर छात्र हैरत में पड़ गए। देखते ही देखते कैंपस में इन झंडों के रंग को लेकर चर्चाएं शुरू हो गईं। काले झंडों को लेकर उत्सुकता बढ़ने पर जब जानकारी जुटाई गई तो पता चला कि झंडों पर प्रत्याशी का नाम लिखा हुआ था।
क्षेत्रीयता प्रभाव को तोड़ेंगी : मरियम
वीमेंस कॉलेज छात्रसंघ चुनाव में उपाध्यक्ष पद की प्रत्याशी मरियम फातिमा ने छात्राओं की समस्याओं में हर कदम पर साथ खड़े रहने का भरोसा दिलाया। छात्रसंघ चुनाव के लिए हो रहे धरना-प्रदर्शन में शामिल रहीं मरियम ने कहा कि क्षेत्रीयता प्रभाव को तोड़कर छात्राओं की समस्याओं का समाधान कराएंगी।