एएमयू के सेवानिवृत्त प्रोफेसर आरपी सिंह ने कहा कि जहां महिला के कुलपति बनने का सवाल है, उसमें कुलपति पद के लिए महिलाओं की रुचि न लेना और पुरुष प्रधान समाज का प्रभुत्व होना है। उन्होंने कहा कि कुलपति रहे महमूदुर्रहमान ने पहली बार महिला को प्रॉक्टर बनाया था। प्रो. शाद बानो को प्रॉक्टर बनाने के फैसले पर ज्यादातर लोगों ने हैरत जताया था।
महिला अधिकारों के प्रति एएमयू गंभीर : डॉ. राहत अबरार
एएमयू के पूर्व जनसंपर्क अधिकारी डॉ. राहत अबरार ने कहा कि महिलाओं के अधिकारों के प्रति यूनिवर्सिटी गंभीर रही। पहली महिला चांसलर बेगम सुल्तान जहां थीं। वर्ष 1925 में बादशाह बेगम पहली महिला थीं, जिन्होंने स्नातक की उपाधि हासिल की थी। महिला कुलपति के लिए महिलाओं ने कभी आवेदन नहीं किया। इस वजह से वह पैनल में शामिल नहीं हो सकीं।