उप कृषि निदेशक कार्यालय, अलीगढ़
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अलीगढ़ में कृषि विभाग के महिला कर्मी ने विभागीय अधिकारी व कर्मचारियों पर उत्पीड़न के आरोप लगाते हुए कृषि मंत्री, कृषि निदेशक, महिला आयोग में शिकायत भी की थी। संयुक्त कृषि निदेशक डॉ. हरेंद्र कुमार मिश्रा ने मामले को गंभीरता से लेते हुए 17 महीने बाद आठ सदस्यीय जांच कमेटी गठित कर दी। महिला का आरोप है कि उप कृषि निदेशक कहते हैं कि अगर टायलेट भी जाओ तो मुझ से पूछकर जाओ।
कृषि विभाग में वर्ष 2008 में पति के स्थान पर महिला की नौकरी पर लगी थी। वर्ष 2016 में उसे उप कृषि निदेशक यशराज सिंह के कार्यालय से भी संबद्ध कर दिया गया। महिला के अनुसार जुलाई 2023 में डाक रजिस्टर लेने जा रही थी, तभी रास्ते से कनिष्ठ सहायक प्रदीप कुमार शर्मा व स्थापना सहायक रविंद्र पाल सिंह उप कृषि निदेशक के पास ले गए। आरोप है कि जाति सूचक शब्द बोलते हुए प्रताड़ित किया। प्रसाधन जाने के दौरान अधिकारी और कर्मचारी जोर-जोर से नाम लेकर पुकारते हैं। वापस लौटने पर जानबूझकर शर्मिंदगी महसूस कराने के उद्देश्य से पूछा जाता है कि कहा पर थी।
महिला का कहना है कि उप कृषि निदेशक के अधीनस्थ कर्मचारियों को जांच टीम का सदस्य बनाया गया है। यह टीम कैसे उच्च अधिकारी की जांच निष्पक्ष कर पाएगी? वहीं, उप कृषि निदेशक यशराज सिंह का कहना है कि आरोप निराधार हैं। जांच में सब स्पष्ट हो जाएगा।