अतरौली क्षेत्र में पिछले पांच दिनों से जंगली जानवरों की दहशत बनी हुई है। इस दौरान यह नौ ग्रामीणों पर हमला कर उन्हें घायल कर चुका है। 11 सितंबर को दादों के भवानीपुर में भी जंगली जानवर के एक बकरी को शिकार बनाने की घटना सामने आई थी। जानवर के सियार होने की आशंका है, लेकिन फिर भी वन विभाग ने ग्रामीणों को सतर्कता बरतने की सलाह दी है।
तीन दिन पहले गांव नहल निवासी हरीओम चौधरी, बासदेव व भोला गौतम पर जंगली जानवर ने हमला कर दिया था। तीनों के पैर व हाथों पर काटा था। यह लोग उस समय खेतों से घर लौट रहे थे। गांव असरफाबाद में 11 सितंबर को खेतों से लौट रहे रिंकू शर्मा व रिंकू दिवाकर पर जंगली जानवर ने हमला किया। बिजौली ब्लॉक के गांव दताचोली बुजुर्ग में सोमवार शाम को सरला, गांव खुर्दिया में सावित्री, गांव धुर्रा टोडरपुर में 10 सितंबर को राधेश्याम व गांव मांड़पुर में रविवार को संजय पर जंगली जानवर ने हमला कर दिया था। इन सभी का सरकारी अस्पताल में पहुंचकर उपचार कराया है। प्रदेश में भेड़िये के हमले की घटनाओं के चलते लोग दहशत में है। इन्हें आशंका है कि कहीं यह जानवर भी भेड़िया तो नहीं।
वन रेंजर अतरौली महफूज अली ने बताया कि गांवों से इस तरह की सूचनाएं मिल रही हैं। यह सियार हो सकता है। इस क्षेत्र में भेड़िये और लकड़बग्घे नहीं हैं। लेकिन जंगली जानवर है, कहीं से भी आ सकते हैं, ये जहां भी शिकार करते हैं, दोबारा जरूर आते हैं। इसलिए एहतियातन ग्रामीणों को सतर्क किया जा रहा है। यदि ये जानवर नजर आते हैं तो इनका फोटो जरूर खींचे, जिससे पहचान हो सके।