होमवर्क पूरा नहीं था और स्कूल में डांट का डर था। इसी डर में बुलंदशहर के थाना डिबाई क्षेत्र के दो सगे भाई मंगलवार को स्कूल जाने के बजाय रेलवे स्टेशन पहुंच गए। वहां से बरेली पैसेंजर ट्रेन में बैठकर अलीगढ़ आ गए।
अलीगढ़ जंक्शन के प्लेटफार्म नंबर दो पर दोनों काफी देर तक भटकते रहे। बाद में रोने लगे। जीआरपी ने दोनों को थाने लाकर पूछताछ की। स्कूल बैग में रखी किताबों से मां का मोबाइल नंबर मिला। सूचना पर दोपहर में मां परिजनों के साथ अलीगढ़ आई। इसके बाद दोनों भाइयों को उनके सुपुर्द कर दिया गया।
जीआरपी प्रभारी निरीक्षक जितेंद्र कुमार द्विवेदी ने बताया कि दोनों भाइयों की उम्र 10 और 12 वर्ष है। एक कक्षा तीन और दूसरा कक्षा चार में पढ़ता है। दोनों डिबाई थाना क्षेत्र के रहने वाले हैं। पूछताछ में उन्होंने बताया कि सोमवार को स्कूल से होमवर्क मिला था, जिसे वे पूरा नहीं कर सके।
मंगलवार सुबह मां ने स्कूल जाने के लिए कहा। होमवर्क पूरा न होने पर स्कूल में डांट के डर से दोनों ने स्कूल जाने के बजाय डिबाई रेलवे स्टेशन का रुख किया। दोनों भाई वहां से आ रही बरेली पैसेंजर ट्रेन में बैठ गए और अलीगढ़ आ गए। यहां काफी देर तक भटकने के बाद दोनों रोने लगे।
जीआरपी कर्मियों ने उन्हें देखा तो थाने ले आए। दोनों को विश्वास में लेकर घर की जानकारी जुटाई। उनके बैग में रखी किताबों से मां का मोबाइल नंबर मिला। संपर्क करने पर मां परिजनों के साथ थाने पहुंचीं। सत्यापन के बाद दोनों को उनके सुपुर्द कर दिया गया।
पढ़ाई में नहीं लगता मन :
पूछताछ में दोनों भाइयों ने बताया कि पढ़ाई में उनका मन नहीं लगता। सोमवार को मिला होमवर्क पूरा नहीं हो पाया था। दोनों भाई स्कूल जाना नहीं चाहते थे। इस कारण सुबह देर से उठे थे, लेकिन मां ने जबरन उन्हें स्कूल भेज दिया। उन्हें डर था कि स्कूल में शिक्षक डांटेंगे और घर वापस जाने पर मां नाराज होगी। यह सोचकर वह स्टेशन पहुंचे गए और वहां खड़ी ट्रेन में बैठ गए।