किसानों की गेहूं की फसल लगभग पक चुकी है और अब कटाई की तैयारी की जा रही है। पिछले साल गेहूं की फसल में आग लगने की कई घटनाएं हुई थीं। इस बार सतर्कता बरती जा रही है। जिला प्रशासन ने किसानों की चिंता को दूर करने के लिए भूसा बनाने की मशीन (स्ट्रारिपर) का प्रयोग प्रतिबंधित कर दिया है। 30 अप्रैल तक खेतों में भूसा बनाने वाली मशीन का प्रयोग नहीं किया जा सकेगा।
मशीन की चिंगारी से जल जाती है फसल
खेतों में अब किसान मजदूर न मिलने से अधिकांश कंबाइन व भूसा बनाने की मशीन का प्रयोग करते हैं। इसके सहारे डंठल से भूसा बनाया जाता है, लेकिन इस प्रक्रिया के दौरान चिंगारी निकलने से फसल में अक्सर आग लग जाती हैं। पिछले साल इस तरह की कई घटनाएं हुईं थीं। इस बार सतर्कता बरतते हुए किसानों ने जिला प्रशासन से भूसा बनाने की मशीन को प्रतिबंधित किए जाने की मांग की थी। एडीएम प्रशासन डीपी पाल ने बताया कि जिले में भूसा बनाने की मशीन का प्रयोग करने एवं फसल अवशेष में आग लगाने पर दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी। इसके लिए सभी तहसीलों के एसडीएम, सीओ व थाना प्रभारियों को आदेश का पालन कराने को निर्देशित किया गया है। लेखपालों, बीट कांस्टेबल, चौकीदारों को भी क्षेत्र में भ्रमण करते हुए इस पर निगरानी रखने को कहा गया है।