डीएपी पाने के लिए किसान कंबल और रजाई लेकर सहकारी समिति पर पहुंच गए। वहीं पर सर्द रात में किसान लाइन में लगे रहे। अगली सुबह जाकर डीएपी के लिए पर्ची वितरित की गई।
अलीगढ़ में अतरौली की क्षेत्रीय सहकारी समिति उत्तरी पर डीएपी वितरण की सूचना मिलने पर किसानों ने 15 नवंबर की रात से ही डेरा डाल दिया। सर्द रात में किसान कंबल और रजाई लेकर अपनी लाइन में ही लगकर सो गए। 15 नवंबर की सुबह करीब 6 बजे जिला पंचायत सदस्य पुष्पेंद्र लोधी अपनी टीम के साथ चाय लेकर पहुंचे और किसानों को चाय दी।
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14 नवंबर शाम को सहकारी समिति उत्तरी को 360 बोरी डीएपी प्राप्त हुई। 15 नवंबर को किसान डीएपी लेने पहुंचे तो वहां नोटिस बोर्ड पर गुरु नानक जयंती का अवकाश होने पर 16 नवंबर को सुबह 10 बजे से डीएपी वितरण होने की सूचना चस्पा थी। इससे किसान दिन में लौट गए और रात आठ बजे घर से खाना खाकर रजाई और कंबल लेकर सोसाइटी पर पहुंच गए।
रात में किसान वहीं सो गए। कुछ लोगों ने उन्हें वहां से हटाने का भी प्रयास किया। किसान कुछ देर के लिए साइड में हट गए और फिर से लाइन में जाकर बैठ गए। किसानों को खुले आसमान के नीचे ही डीएपी के लिए रात गुजारनी पड़ी। डीएपी के लिए किसान बेहद परेशान हैं, उनकी कोई नहीं सुन रहा है।