थाना गंगीरी के गांव नगला हंशी, शेरपुर, भरतपुर और नगला दोहरा में एक पखवाड़े से बिजली का संकट है, इन गांवों में केवल दो घंटे आपूर्ति हो रही है। इन दो घंटों में भी कभी आधे घंटे तो कभी एक घंटे की आपूर्ति अलग-अलग समय में मिलती है। इससे फसलें सूख रही हैं। 9 मई को ग्रामीणों का गुस्सा फूट पड़ा। उन्होंने गंगीरी चौराहे स्थित बिजली घर पर प्रदर्शन किया।
किसान ट्रैक्टर ट्रालियों में बैठ कर बिजली घर पर आ गए और प्रदर्शन शुरू कर दिया। किसानों के बिजली घर पर आते ही जेई वहां से चले गए। जब उनको फोन मिलाया गया तो उन्होंने जवाब नहीं दिया। किसानों का कहना था कि वह बिजली घर से तब तक नहीं हटेंगे, जब तक आपूर्ति सुचारू नहीं हो जाती है। ढाई घंटे के प्रदर्शन के बाद किसानों की एसडीओ से वार्ता हुई। एसडीओ ने कहा कि अब बिजली नियमित रूप से मिलेगी। इसके बाद किसानों ने धरना समाप्त किया।
ग्रामीण महावीर सिंह व पूरनसिंह ने बताया कि 15 दिन से चारों गांव में मात्र एक दो घंटा बिजली मिल रही है। बिजली न आने से मक्का की फसल पूरी तरह सूख गई है। जिससे चारों गांव के तकरीबन 12 हजार ग्रामीण परेशान हैं। बिजली घर गंगीरी के कर्मचारी गांव मलसई से अन्य गांव की आपूर्ति देते हैं, जिससे उनके गांव में बिजली नहीं मिल रही है। इससे मक्का, मूंगफली और बाजरा पूरी तरह से सूख गई है।
फसलों की सिंचाई नहीं होने से उनको नुकसान हो रहा है। प्रदर्शन करने वालों में वीरेंद्र सिंह, किशनलाल, सियाराम, बहोरी सिंह, सूरजपाल सिंह, मुरारी सिंह, प्रेमपाल सिंह, मुकेश कुमार, हरवीर सिंह, शकुंतला देवी, पुष्पा देवी, प्रेमवती देवी, रामश्री देवी, महारानी देवी, लौंगश्री देवी, डोरी लाल, राजू, अनिल कुमार सहित अन्य लोग शामिल रहे।