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किसानों को थोड़ी राहत, मध्यम वर्ग आहत

Fri, 02 Feb 2018 01:38 AM IST
न्यूज डेस्क, अमर उजाला अलीगढ़
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शेयर बाजार की स्थि‌ित को देखते विजय पच्चीसिया और अन्य लोग। - फोटो : अमर उजाला
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आम बजट से आम नौकरीपेशा वर्ग को कोई बड़ी राहत नहीं मिली है। जिससे लोग मायूस हैं। सभी को उम्मीद थी कि इस बजट में आयकर स्लैब में बदलाव होगा। आयकर की धारा 80 के तहत छूट का दायरा बढ़ेगा, लेकिन ऐसा कुछ नहीं हुआ। उल्टा आयकर में लगने वाला एजूकेशन सेस तीन फीसदी से बढ़ा कर चार फीसदी कर देने से लोगों को अब ज्यादा कर देना होगा। हां, इस बजट में किसानों को थोड़ी राहत जरूर मिली है। अब उनको फसलों का लागत मूल्य का डेढ़ गुना का भुगतान मिलेगा। हालांकि इसमें भी किसानों का खुद का मेहनताना और खेत का सालाना किराया नहीं जोड़ा जा रहा है। इसलिए ये राहत भी बहुत बड़ी नहीं है। कुलमिला कर ये बजट आम आदमी की जिंदगी में कोई बड़ा प्रभाव नहीं डालेगा हां, कर देने का बोझ जरूर बढ़ जाएगा। 
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उद्योग क्ष्‍ाेत्र को क्या मिला
बहरहाल, अलीगढ़ के एसएमएसई उद्योगों को आम बजट से आंशिक रूप से कुछ फायदा हुआ है। कारण, कारपोरेट टैक्स 30 से 25 फीसदी कर दिया गया है। टैक्स का ये स्लैब 50 करोड़ से 250 करोड़ रुपये सालाना टर्नओवर वाली इकाइयों पर लागू होगा। ऐसे में तालानगरी की ताला और हार्डवेयर, इलेक्ट्रानिक और अन्य सामानों का उत्पाद करने वाले इकाइयों को बड़ा फायदा मिलेगा। फायदा उन्हीं को मिलेगा जो प्राइवेट लिमिटेड फर्म है। ऐसी इकाइयों की संख्या लगभग 130 के आसपास आंकी जा रही है, लेकिन उद्योग के जानकारों का मनाना है कि इसका फायदा उठाने के लिए अब लोग अपनी फर्म को प्राइवेट लिमिटेड फर्म में तब्दील करेंगे। इससे बचने वाले टैक्स की रकम दूसरे उद्योगाें में जाएगी। 

मध्यम वर्ग मायूस
इधर, मध्यम वर्ग के लिए इस बजट में स्टैंडर्ड डिडेक्शन के अलावा कुछ भी राहत भरा नहीं रहा। आर्थिक मामलों के जानकार विजय पचीसिया ने बताया कि क्योंकि आयकर में एजूकेशन सेस एक फीसदी और बढ़ दिया है। इस सेस के बढ़ते ही सदानी भवन के डीबी इंटरनेशनल शेयर टर्मिनल पर खामोशी छा गई। शेयर बाजार चार सौ अंक नीचे गिर गया। कई कंपनियों के शेयर गिर गए जिससे अलीगढ़ के निवेशकों को भी लाखों रुपये का नुकसान हुआ। सभी ने सेस बढ़ाए जाने की कड़ी निंदा की। विरोध किया। आयकर के स्लैब में कोई छूट नहीं मिलने, आयकर बचाने के लिए धारा 80 सी के तहत निवेश की सीमा डेढ़ लाख से बढ़ा कर दो लाख रुपये नहीं करने पर सभी नाराज थे। 90 फीसदी लोगों को उम्मीद थी कि ये राहत मिलेगी और आयकर छूट का दायरा बढ़ेगा। इसको लेकर बाजार से दफ्तर तक बजट की निंदा हुई। सरकारी नौकरीपेशा से लेकर सेवानिवृत्त कर्मचारियों तक के लिए बजट कुछ राहत भरा है। अभी तक उनकी ढाई लाख रुपये की आय कर मुक्त थी अब 2.90 लाख रुपये तक की आय कर मुक्त हो गई है, लेकिन सरकार ने एक हाथ से छूट देकर दूसरे हाथ से इसे वसूल लिया। पहले से मिलने वाले ट्रांसपोर्ट भत्ते के तकरीबन 19,200 रुपये और मेडिकल भत्ते के 15,200 रुपये का भुगतान अब नहीं होगा। ऐसे में 34,200 रुपये के लाभ वापस ले लिए गए हैं। 40 हजार रुपये की छूट अब केवल 5800 रुपये का सालाना फायदा देगी। 
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प्रापर्टी कारोबार में भी आंशिक राहत...
आयकर अधिवक्ता अभिषेक गुप्ता ने बताया कि बजट से अलीगढ़ के रियल एस्टेट कारोबारियों को कुछ लाभ होगा और खरीदफरोख्त फिर से शुरू होगी। आयकर में स्टांप की धारा 56-2 (एक्स) के तहत पहले आयकर विभाग रजिस्ट्री कराने के मूल्य में जमीन के वास्तविक मूल्य में 50 हजार रुपये तक के अंतर पर कोई कार्रवाई नहीं करता था। अब इस 50 हजार रुपये के अंतर को 5 फीसदी कर दिया गया है। मसलन एक करोड़ की रजिस्ट्री में 5 लाख तक के अंतर पर आयकर विभाग जांच पड़ताल नहीं करेगा। इसी तरह से चेरीटेबिल ट्रस्ट के मामलों में अब किसी भी खर्च को बिना टीडीएस के माना नहीं जाएगा। टीडीएस काटना अनिवार्य कर दिया गया है।

स्टैंडर्ड डिडक्‍शन से नौकरी पेशा वर्ग को थोड़ी राहत
अलीगढ़। सीएम एसोसिएशन के पूर्व अध्यक्ष सीए विजय कुमार ने बताया कि इस बजट में स्टैंडर्ड डिडेक्शन लागू कर सरकार ने नौकरीपेशा वर्ग को राहत दी है। मसलन, किसी व्यक्ति का सालाना वेतन अगर 20 लाख रुपये बन रहा है तो आयकर काटने से पहले ही वेतन 19 लाख 60 हजार रुपये माना जाएगा। इसको ही स्टैंडर्ड डिडेक्शन कहा जाता है। ऐसे में अगर किसी का वेतन सालाना 3.40 लाख रुपये बन रहा है तो उसको अब कोई आयकर नहीं देना होगा। जैसे कि ढाई लाख की आय आयकर से मुक्त है। इसके बाद बचे हुए पचास हजार पर पांच फीसदी की दर से 2500 रुपये बनता है जो आयकर 80 टीटीए के तहत छूट के दायरे में है। 40 हजार का उसको स्टैंडर्ड डिडेक्शन मिलेगा। इस तरह से 3.40 लाख रुपये सालाना तक की आय अब अब पूरी तरह से कर मुक्त हो गई है। अलीगढ़ में हजारों नौकरीपेशा को इसका लाभ मिलेगा। 

स्टैंडर्ड डिडक्शन को ऐसे समझें
सीए एसोसिएशन के पूर्व अध्यक्ष सीए विजय कुमार ने बताया कि किसी भी व्यक्ति का सालाना वेतन कितना भी हो। सभी को स्टैंडर्ड डिटेक्शन के तहत 40 हजार रुपये की छूट मिलेगी। आयकर जोड़ने से पहले ही वेतन के कुल योग से 40 हजार रुपये कम कर दिए जाएंगे। आयकर अधिवक्ता अभिषेक गुप्ता ने कहा कि इसको ही स्टैंडर्ड डिडेक्शन कहा जाता है। 
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