केंद्र सरकार का आम बजट किसानों को रास नहीं आया। किसान नेताओं ने इसे मात्र छलावा करार दिया है। उन्होंने कहा कि बजट में किसान सम्मान निधि की राशि बढ़ाने का प्रावधान नहीं किया गया है। यही नहीं, पेट्रोल डीजल पर विशेष सेस लगाकर सरकार ने किसानों की कमर ही तोड़ दी है। इससे उपभोक्ता वस्तुओं पर महंगाई और बढ़ जाएगी। इसका असर किसान ही नहीं आम जनता पर भी होगा।
बजट किसानों के साथ छलावा है। किसान से लेकर किसान को देना, यह कहां का न्याय है। डीजल पर ढाई प्रतिशत विशेष कृषि सेस बढ़ा देना और किसान को 75 हजार करोड़ रुपये देने की घोषणा करना किसानों के साथ छल नहीं तो क्या है। किसान इसे समझ रहा है।
- डा. शैलेंद्र पाल सिंह, भाकियू भानु के प्रांतीय महासचिव
- सरकार ने डीजल व पेट्रोल पर सेस लगाकर किसानों के साथ आम जनता की कमर तोड़ दी है। डीजल व पेट्रोल के दाम पहले से बढ़े हुए हैं। सेस लगने से महंगाई इस कदर बढ़ेगी कि किसान ही नहीं आम जनता का जीना दूभर हो जाएगा।
चौ. हरपाल सिंह, भाकियू हरपाल गुट के राष्ट्रीय अध्यक्ष
- बजट के नाम पर किसानों को लॉलीपॉप दी गई है। किसान उम्मींद लगाए था कि डीजल व पेट्रोल के दाम कम होंगे, खाद पर सब्सिडी बढ़ेगी। ऐसा कुछ नहीं किया गया।
सौरभ तोमर, किसान
- उम्मीद थी कि इस कोरोना काल में जो किसान आंदोलनरत हैं। उनके लिये एमएसपी में कुछ बदलाव करके घोषणा की जाएगी, लेकिन ऐसा कुछ नहीं किया गया।
जितेंद्र शर्मा, किसान
- प्रधानमंत्री किसानों की आय दोगुनी करने की बात करते हैं और वित्त मंत्री डेढ़ गुनी एमएसपी की बात करती हैं। कौन सी बात मानी जाए यह समझ नहीं पा रहा हूं। पेट्रोल डीजल पर विशेष कृषि सेस लगाने से महंगाई बढ़ेगी और किसानों की कमर टूट जाएगी।
- अशोक सिंह, किसान नेता
- बजट से सरकार का किसान विरोधी चेहरा सामने आ गया है। तीन कानूनों से चार-पांच साल में किसान या तो खेती करना छोड़ देगा या फिर बर्बाद हो जाएगा। किसान सम्मान निधि में राशि बढ़ाने की आस थी, वह भी टूट गई।
- एसके सिंह राणा, किसान नेता
जितेंद्र शर्मा।- फोटो : CITY OFFICE
भारतीय किसान यूनियन भानु जिला वरिष्ठ उपाध्यक्ष अशोक सिंह ।- फोटो : CITY OFFICE