कार खीचकर विरोध प्रदर्शन करते संयुक्त किसान मोर्चा के पदाधिकारी।
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संयुक्त किसान मोर्चा के राष्ट्रीय आह्वान पर जिले के किसान संगठनों ने सोमवार को निजीकरण विरोधी एवं कारपोरेट विरोधी दिवस मनाया।
जिले के संयुक्त किसान मोर्चा के घटक संगठन भारतीय किसान यूनियन टिकैत, भारतीय किसान यूनियन अंबावता व बेरोजगार मजदूर किसान यूनियन के कार्यकर्ताओं ने रेलवे स्टेशन पर एकत्र होकर वहां से आंबेडकर पार्क तक विरोध प्रदर्शन किया। इस दौरान रेलवे जनता की संपत्ति है, इसे बेचना बंद करो जैसे नारे लगाए। इसके बाद कार को रस्सी से खींचकर पेट्रोल-डीजल की बढ़ती कीमतों का विरोध किया।
विरोध रैली में संयुक्त किसान मोर्चा के प्रमुख नेता शशिकांत, विनोद सिंह व कमलेश यादव ने रस्से से कार को खींचकर डीजल-पेट्रोल की बढती कीमत पर जनता का रोष व्यक्त किया। रैली में युवा किसान उज्ज्वला योजना के खाली सिलेंडर कंधे पर लेकर चल रहे थे। किसानों की रैली स्टेट बैंक पहुंची, जहां निजीकरण के विरोध में चल रही बैंक हड़ताल के समर्थन में जमकर नारेबाजी की। इस मौके पर भाकियू जिलाध्यक्ष विनोद सिंह ने कहा कि सरकार अपनी हठधर्मिता छोड़े नहीं तो जनता सत्ता से बेदखल करने पर मजबूर होगी।
महिला किसान नेता कमलेश यादव ने कहा कि बढ़ती महंगाई ने घर की रसोई को चलाना मुश्किल कर दिया है। इसके बाद आंबेडकर पार्क के नजदीक सिटी मजिस्ट्रेट को प्रधानमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपा गया। इस मौके पर भाकियू टिकैत के वरिष्ठ नेता चौधरी नवाब सिंह, मजदूर नेता रमेशचंद विद्रोही, गोकुल करन कश्यप, गजेंद्र सिंह, भोला सिंह, सुरेश पाल प्रमुख रूप से शामिल रहे।