तीनों कृषि कानूनों के विरोध में भावी आंदोलन को लेकर किसान मजदूर एकता भवन में आयोजित एक बैठक में जिले के सक्रिय किसान संगठनों ने संयुक्त किसान मोर्चा का गठन किया।
बैठक में अखिल भारतीय किसान संघर्ष समन्वय समिति के घटक संगठनों के अलावा भाकियू टिकैत, भाकियू अम्बावता, भाकियू भानू, भाकियू असली, राष्ट्रीय किसान मोर्चा, भारतीय किसान संगठन व बेरोजगार मजदूर किसान यूनियन के प्रतिनिधि शामिल रहे। तय किया गया कि संयुक्त मोर्चा 18 जनवरी को महिला किसान दिवस मनाएंगे। 20 जनवरी को गणतंत्र दिवस कार्यक्रम तय करेंगे।
बैठक की अध्यक्षता अखिल भारतीय किसान सभा के जिला अध्यक्ष राज सिंह ने की। बैठक में तीनों कृषि कानूनों की वापसी के लिए जिले में संघर्ष को तेज करने और किसान संगठनों की एकजुटता पर जोर दिया गया। शामिल किसान संगठनों ने जिला स्तर पर संयुक्त किसान मोर्चा का गठन कर एकताबद्ध होने का निर्णय लिया। बैठक में किसान संगठनों के प्रतिनिधियों ने 50 दिनों से दिल्ली में डटे लाखों किसानों मजदूरों के संघर्ष को नमन किया। साथ ही 80 से ज्यादा किसानों के शहीद होने पर भी सरकार की हठधर्मिता को आड़े हाथों लिया।
सर्वसम्मति से बेरोजगार मजदूर किसान यूनियन के संयोजक शशिकांत को मोर्चा का संयोजक बनाया गया। निर्णय लिया कि मोर्चा को और व्यापक बनाने के लिए जिले में तीनों कृषि बिलों की वापसी के लिए संघर्षरत अन्य किसान-मजदूर संगठनों को भी आमंत्रित किया जाएगा। इसके अलावा समाज के वर्गों के लिए संघर्षरत प्रगतिशील न्याय पसंद व्यक्तियों व संगठनों से समर्थन की अपील की गई।
मोर्चा के आगामी कार्यक्रमों पर चर्चा के दौरान निर्णय लिया गया कि आगामी 18 जनवरी को कमलेश यादव के नेतृत्व में महिला किसान दिवस का आयोजन होगा। 26 जनवरी को किसानों की दिल्ली में भागीदारी के साथ ही जिले में भी किसान मजदूरों की एकजुटता का प्रदर्शन किया जाएगा। गणतंत्र दिवस पर जिले में किसानों मजदूरों के साझा कार्यक्रम की रूपरेखा 20 जनवरी को सभी संगठन मिलकर तय करेंगे।
बैठक में राष्ट्रीय किसान मोर्चा के मंडल प्रभारी जनार्दन अनुरागी, बीएमकेयू के प्रो अशोक प्रकाश, भाकियू जिला उपाध्यक्ष विजय कुमार, इदरीश मोहम्मद, एस पी सिंह बघेल, भाकियू टिकैत के पूर्व जिलाध्यक्ष हरीराज सिंह, राजकुमार शर्मा, गोपीसिंह, लक्षमीराज सिंह, धर्मपाल सिंह भी शामिल रहे।