जानवर के हमला से भयभीत होकर हाथों में लाठियां लेकर गांव में घूमते लोग
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21 सितंबर की दोपहर करीब 12 बजे गांव मेवाती नगला के जंगल में किसी जंगली जानवर ने एक किसान पर हमला बोल दिया। जंगली जानवर के हमले में किसान लहूलुहान हो गया है। परिजन उसे इलाज के लिए अस्पताल ले गए। उधर गांव में भेड़िये के हमले का शोर मच गया।सूचना पर वन विभाग की टीम भी गांव पहुंच गई। वन कर्मियों ने भेड़िया होने से इंकार किया है। वन कर्मियों सहित ग्रामीण खेतों में सर्च अभियान चलाकर जंगली जानवर की तलाश करते रहे, लेकिन देर शाम तक वह कहीं नजर नहीं आया था।
ग्रामसभा खुर्रमपुर के मजरा मेवाती नगला निवासी किसान गुलशेर पुत्र शेर मोहम्मद के अनुसार दोपहर के समय वह अपने खेतों की ओर जा रहे थे। जंगल में एक जंगली जानवर नीलगाय के बच्चे को मारकर खा रहा था। जैसे ही उनकी नजर जंगली जानवर पर पड़ी तो जंगली जानवर ने छलांग लगाकर उनकी गर्दन पर हमला कर दिया। उन्होंने बचने की कोशिश करते हुए शोर मचाया और जानवर के मुंह में हाथ डालकर उसकी जीभ पकड़ ली। इस पर उनके हाथ को लहूलुहान करते हुए जंगली जानवर छूटकर भाग निकला।
उनकी की चीख-पुकार सुनकर आसपास खेतों में मौजूद लोग दौड़कर पास पहुुंचे गुलशेर ने भेड़िया के हमला करने की बात कही तो पूरे गांव में खबर फैल गई। ग्राम प्रधान के प्रतिनिधि ठा. योगेंद्र पाल सिंह ने तत्काल वन विभाग के अधिकारियों को सूचना दी। इस पर वन दरोगा धर्मेंद्र चौधरी, बीट प्रभारी विनय कुमार, मुकेश कुमार, हेमेंद्र कुमार, पुत्तन लाल, प्रेम शंकर, हेम सिंह गांव पहुंच गए।
हमारे यहां आसपास भी जंगलों में कहीं भेड़िया नहीं हैं। हो सकता है कि अन्य किसी जानवर ने हमला कर किसान को घायल कर दिया हो। ग्रामीणों के साथ मिलकर गांव के आसपास खेत-खलिहानों में सर्च अभियान चलाया जा रहा है। ग्रामीणों को सचेत किया गया है कि जब तक हमलावर जानवर का पता नहीं चल जाता है, तब-तब सभी लोग सावधान रहें। अपने बच्चों को अकेले खेतों पर न जाने दें। -धर्मेंद्र चौधरी, वन दरोगा।