ग्राम अरनियां राजू ख्वाजा में रविवार को गांव की पंचायत में फैसला लिया गया कि अब कोई भी अपने खेत में शवदाह नहीं करेगा। अंतिम संस्कार निर्धारित श्मशान स्थल पर ही हर परिवार करेगा।
गांव के धीरेंद्र सिंंह ने पंचायत में कहा कि लोगों ने अपने खेतों में ही परिजन के शव का अंतिम संस्कार करने का रिवाज बना लिया है।
यह कुरीति है। इसे बंद होना चाहिए। इसी के साथ किसी मौत पर गांव से महिलाओं के एकजुट होकर पहुंचने से धन की बर्बादी बताते हुए पंचायत ने फैसला लिया कि किसी मौत पर घर से एक, दो महिलाएं ही जाएं। गांव से पुरुष भी कम ही संख्या में जाएं। शहीद बाबा अमानी सिंह लगसमा सुधार एवं विकास समिति के बैनर तले रविवार को पंचायत का आयोजन किया गया था।
गांव के जितेंद्र सिंह, गिर्राज सिंह एवं लखमी सिंह ने पंचायत में प्रस्ताव रखा कि किसी की मौत पर शोक प्रकट करने जाने के लिये गांव से दर्जनों महिलाओं के जाने का रिवाज हो चला है। तीन बार महिलाएं जाती हैं। इसके लिए गाड़ी करनी होती है।
धन खर्च होता है। घर का काम भी प्रभावित होता है। काफी मंथन के बाद पंचायत ने एक स्वर से निर्णय लिया कि अब किसी घटना पर शोक प्रकट करने लिए घर की एकाध महिला जा सकेगी। मामूली संख्या में पुरुष जाएंगे। गांव मेें अवैध शराब न बिकने देने का भी निर्णय हुआ। पंचायत की अध्यक्षता केवल सिंह, संचालन धर्मवीर सिंह ने किया। पंचायत में प्रधान जयपाल सिंह, विजयपाल सिंह जगवीर सिंह, लाखन सिंह, सुल्तान सिंह, राजसिंह, बिजेंद्र सिंह, रामवीर सिंह सहित सैकड़ों लोग मौजूद थे।