उत्तर प्रदेश की राज्यपाल आनंदी बेन पटेल ने कहा कि केंद्र सरकार द्वारा लागू तीनों नए कृषि कानून किसान हित में हैं। इससे किसानों को खेती के नये विकल्प मिलेंगे। आर्थिक मदद मिलने के बाद वह आधुनिक-जैविक खेती कर सकेंगे। नये पौष्टिक उत्पाद पैदा कर सकेंगे। उनको एमएसपी (न्यूनतम समर्थन मूल्य) नहीं, बल्कि एमआरपी (अधिकतम खुदरा मूल्य) पर अपना माल बेचने की सुविधा मिलेगी। राज्यपाल अपने एक दिनी प्रवास में बुधवार को सर्किट हाउस में किसानों को संबोधित कर रही थीं।
उन्होंने कहा कि नए कानून से किसानों को नए प्रयोग करने और अपनी जमीन का अधिकतम सदुपयोग करने का भरपूर मौका मिलेगा। मसलन, अगर गन्ने की खेती हो रही है, खेत के बीच बीच के खाली हिस्सों में कुछ और उगाया जा सकता है। इसको बेहतर ढंग से समझने के लिए महिलाओं को भी खेती के नए तौर तारीकों को लेकर संवाद करना चाहिए। उन्होंने आंगनबाड़ी, टीबी उन्मूलन, कोरोना संक्रमण, स्वास्थ्य योजनाओं, शिक्षा आदि के क्षेत्र में अधिक से अधिक जन सहयोग लेने का आह्वान किया ताकि योजना सौ फीसदी सार्थक हो सके। राज्यपाल बोलीं, सरकारी अफसर के साथ नेता और समाजसेवी आंगनबाड़ी केंद्र, स्कूल, बच्चों को गोद लें। वहां निरीक्षण करते रहें। पहले हम सिर्फ 18 वर्ष तक बच्चों को गोद लेकर उनकी जिम्मेदारी संभालते थे। अब हमें 18 से 25 वर्ष के आयुवर्ग में ये पहल करनी चाहिए।
किसानों से संवाद से पहले उन्होंने सुबह हस्तशिल्पियों और स्वयं सहायता समूहों की प्रदर्शनी का निरीक्षण किया, जो सर्किट हाउस में लगाई गई थी। निरीक्षण के दौरान उन्होंने संबंधित समूह के स्वामी से बात की। इसके बाद वह तालानगरी स्थित स्पाइडर लॉक्स फैक्टरी पहुंची, जहां उन्होंने ओडीओपी योजना के तहत ताला बनाने की प्रक्रिया को करीब से देखा और समझा। यहां उन्होंने ताला निर्माण पर एक फिल्म देखी और हार्डवेयर और मूर्ति बनाने की प्रक्रिया को भी जाना। तालानगरी से वापस आने पर उन्होंने एनआरएलएम समूहों से बात की। वूमेन प्रोटेक्शन सेल के बारे में जाना तो गुजरात की नारी अदालत का जिक्र किया, जिसमें महिलाओं की समस्याओं समाधान किया जाता है। अपने नाती का उदाहरण देकर उन्होंने बाल विवाह की कुप्रथा को रोकने का आह्वान किया।
राज्यपाल ने कहा कि कोरोना संक्रमण के बाद से वह रोज ये सोच रही थीं कि प्रदेश में वह दिन कब आएगा, जब किसी एक जिले में एक भी कोरोना केस न हो। अलीगढ़ में उनको ये खुशखबरी मिली। बोलीं, अब टीकाकरण से जल्द ही इस बीमारी से निजात मिलेगी। उन्होंने कहा कि बच्चों के कुपोषण को दूर करने के लिए महिलाएं अपने घर से ही सशक्त पहल करें, जिससे आने वाली पीढ़ी शारीरिक और मानसिक रूप से स्वस्थ रहे और पूरे परिवार-समाज का विकास हो सके।
राज्यपाल ने आयुष्मान योजना के तहत पांच लाख रुपये वाले स्वास्थ्य बीमा के बारे में भी बताया और कहा कि जिनका भी आयुष्मान कार्ड नहीं बना है। वह ये कार्ड बनवाएं और इसका लाभ उठाएं। दोपहर बाद उनकी टीबी मरीजों से बातचीत हुई। उन्होंने टीबी उन्मूलन कार्यक्रम में सराहनीय सहयोग करने वाले पांच लोगों को सम्मानित किया। पांच स्वयं सहायता समूहों को सम्मानित किया। इस दौरान राज्य मंत्री संदीप सिंह, सांसद सतीश गौतम, मंडलायुक्त जीएस प्रियदर्शी, जिलाधिकारी चंद्रभूषण सिंह, आईजी पीयूष मोर्डिया, एसएसपी मुनिराज जी, सीडीओ अनुनय झा, एडीएम सिटी राकेश मालपाणी सहित कई प्रशासनिक अधिकारी मौजूद रहे। शाम करीब पौने छह बजे वह अलीगढ़ से आगरा रवाना हो गईं।