नहीं है राशन कार्ड और आधार कार्ड
गुड्डी देवी ने बताया कि उनके पास राशन कार्ड नहीं है। साथ ही किसी का भी आधार कार्ड नहीं बना है। राशन डीलर के पास कुछ राशन मांगने भी गई थीं। लेकिन वहां से कुछ नहीं मिला। स्थानीय प्रधान से भी कहा, लेकिन उसने भी नहीं सुनी। मजबूरन पूरा परिवार भूखे सोने लगा।
खाना देखकर रोने लगा टीटू
दस वर्षीय टीटू को बुधवार को सेब और खरबूजे काटकर दिए गए तो उसने फेंक दिए। रोते हुए बोला कि जब भूख लगी थी तब तो दिया नहीं, अब मुझे नहीं खाना। यहां हैंड्स फॉर हेल्प संस्था के सहयोग से धीरे-धीरे उसे सेब खिलाया गया।
हैंड्स फॉर हेल्प के पदाधिकारी सेवा में जुटे
भूख से पीड़ित गुड्डी देवी के परिवार की सूचना जैसे ही हैंड्स फॉर हेल्प संस्था को मिली, वैसे ही उसके पदाधिकारी परिवार की सेवा में जुट गए हैं। वे सभी के लिए कपड़े, चप्पलें, फल, खाना उपलब्ध करा रहे हैं। साथ ही बिस्तर बदलने से लेकर पेशाब-शौच कराने में सहयोग कर रहे हैं। संस्था के अध्यक्ष सुनील कुमार ने बताया कि जब तक इनको जरूरत है, हर सेवा संस्था की तरफ से की जाएगी।
मदद देने के लिए डीएम ने दिए निर्देश
जिलाधिकारी चंद्र भूषण सिंह ने अधिकारियों को निर्देश दिया है कि परिवार को समुचित मात्रा में खाद्यान्न उपलब्ध कराते हुए जॉब कार्ड एवं राशन कार्ड बनाए जाएं। जिलापूर्ति अधिकारी राजेश कुमार सोनी ने बताया कि पीड़ित परिवार को आटा, दाल, चावल, नमक, मसाले, तेल उपलब्ध कराया है।
इसके अलावा राजस्व विभाग ने भी उपरोक्त सामग्री दी है। खंड विकास अधिकारी विनोद कुमार ने बताया गया कि किसी भी परिजन का आधार कार्ड एवं बैंक खाता न होने के कारण फौरी तौर पर पांच हजार रुपये नकद दिए गए हैं।
आधार कार्ड बनाए जाने के बाद पेंशन, राशन एवं मनरेगा जॉब कार्ड बनाया जाएगा। सीएमएस डॉ. रामकिशन ने बताया कि पीड़ित परिवार को समुचित इलाज मुहैया कराया जा रहा है। अब परिवार की हालत में सुधार है।