सोमवार की शाम को बारिश के साथ कुछ स्थानों पर ओले आदि पड़ने से मौसम का मिजाज अचानक पलट गया। इसके चलते शहर में एहतियात के तौर पर बिजली की आपूर्ति बंद कर दी गई। कुछ स्थानों पर फाल्ट भी आ गया।
रात को बिजली विभाग की टीमों ने पेट्रोलिंग करके लाइन में आई खराबी को दुरुस्त किया। दूसरी ओर खेतों में पानी भरने से आलू की खुदाई प्रभावित होने की आशंका है। साथ ही सरसों की तैयार फसल को भी नुकसान पहुंचने की बात कही जा रही है।
सोमवार को दिन में मौसम कुछ गर्म था। लेकिन शाम को मिजाज अचानक बदल गया और बारिश के साथ ओले भी पड़ने लगे। इस बेमौसम की बारिश ने किसानों के माथे पर चिंता की लकीरें खींच दी बारिश से आलू और सरसों की फसल को भारी नुकसान होने की संभावना जताई जा रही है।
कृषि विभाग के अधिकारियों ने कर्मचारियों को गांव-गांव से आंकड़े इकट्ठे कर नुकसान क ा आंकलन करने का निर्देश दिया है। वहीं, बारिश होने के कारण खेत की मिट्टी गीली होने से आलू की खुदाई पर भी प्रभाव पड़ेगा।
कृषि रक्षा अधिकारी राजेश कुमार के अनुसार मिट्टी गीली होने पर किसान आलू की खुदाई नहीं कर सकेगा। अब उससे खेत के सूखने का इंतजार करना होगा। दरअसल, आलू की खुदाई खेत की नमी सूखने के बाद होती है, जिससे की आलू पर मिट्टी न चिपकी रह सके।
और फसल साफ और सुरक्षित खेत से बाहर निकले। उन्होंने बताया कि ओले से आलू में काला दाग लगा देेगा। इसके साथ ही आलू अधिक सीमा तक सहेजने के लायक भी नहीं रहेगा। इस समस्या से बचने के लिए किसानों को ओलावृष्टि के तुरंत बाद खेत में पानी का छिड़काव कर देना चाहिए, जिससे की मिट्टी का तापमान फसल के अनुकूल बना रहेगा।
सरसों को नुकसान अधिक, गेहूं की सेहत पर अधिक प्रभाव नहीं
बारिश के कारण सरसों की पकी फसल के फली झड़कर खेत में गिर गई। पकी सरसों को काटने की फिराक में बैठे किसानों को इस बारिश ने गहरा सदमा दिया है। वहीं, जानकारों के मुताबिक गेहूं की सेहत पर इस बारिश से कोई प्रभाव नहीं पड़ेगा। कृषि वैज्ञानिक डा. एके सिंह के मुताबिक गेहूं की सिर्फ उसी फसल को नुकसान होगा, जिससे बाली तने से बाहर निकल आई होगी।