क्यूआर कोड के जरिए करता था वसूली
मूलरूप से नेहरू नगर दुर्गापुरी कॉलोनी, थाना सदर, जिला सहारनपुर का रहने वाला है। आरोपी ने पूछताछ में स्वीकार किया कि वह फर्जी तरीके से टीटीई की वर्दी पहनकर यात्रियों की टिकट जांच करता है और क्यूआर कोड के माध्यम से उनसे धनराशि वसूलता है। तलाशी के दौरान उसके पास कोई वैध रेलवे पहचान पत्र (आईडी कार्ड) या ईएफटी नहीं पाया गया।
कम पढ़े-लिखे लोगों को बनाता था शिकार
जांच में यह भी यह भी सामने आया कि वह विभिन्न रेलवे स्टेशनों पर मजदूर वर्ग और कम पढ़े-लिखे यात्रियों को निशाना बनाकर, टिकट में त्रुटि बताकर या प्रतीक्षा सूची के यात्रियों को बर्थ देने के नाम पर क्यूआर कोड स्कैन कर राशि वसूल करता था। पूछताछ में आरोपी ने बताया कि पहले सहारनपुर स्टेशन पर वेंडर का कार्य करता था। उसके पास कोई भी टीटीई होने का पहचान पत्र नहीं मिला है।
आरोपी के पास से कई टिकट बरामद
आरोपी के पास से कुल 3350 रुपये नकद, एक ब्लैंक चेक, कुछ कागजात, एक आईडी कार्ड जिस पर भारतीय रेल लिखा हुआ था। इसके अलावा 13 टिकट भी मिली हैं। अभी आरोपी के आपराधिक इतिहास के बारे में जानकारी की जा रही है।