फर्जी आईपीएस अधिकारी बनकर लोगों के साथ ठगी करने वाले पिता-पुत्र को गिरफ्तार करने के बाद पुलिस की पूछताछ में चौंकाने वाले तथ्य सामने आए हैं। जांच में पता चला है कि ये लोग बन्नादेवी क्षेत्र के एक बड़े आदमी की लड़की से शादी का रिश्ता करने के लिए आए थे। दो दिन से बन्नादेवी स्थित लग्जरी होटल में ठहरे हुए थे।
पिता राजेंद्र चावला अपने बेटे अमित चावला को गृह मंत्रालय में बतौर डीआईजी के रूप में तैनात बताकर उसकी शादी बन्नादेवी क्षेत्र के एक बड़े आदमी की बेटी के साथ करने की तैयारी कर रहा था। लगातार बात भी चल रही थी। लड़की वालों की मुलाकात राजेंद्र चावला से रूहानी सत्संग कृपाल आश्रम में हुई थी। राजेंद्र चावला ने अपने बेटे को आईपीएस अधिकारी (एनआईए कोलकाता में तैनात) बताकर झांसा दिया था। इसके बाद कई और मुलाकातें हुईं। लड़की पक्ष ने जब राजेंद्र चावला से यह कहा कि अनुज चावला के संबंध में गूगल या सरकारी वेबसाइटों पर कोई जिक्र नहीं मिलता है। इस पर राजेंद्र चावला ने कहा कि वह एक सीक्रेट मिशन पर है। जिसको गृह मंत्रालय के निर्देश से अंजाम दिया जाना है। इसी के चलते गूगल से उनके संबंध में सारा डाटा मिटा दिया गया है। यह भी बताया कि अलीगढ़ में कोविड-19 की गोपनीय जांच करने यहां आए हैं। अभी दो दिन पहले राजेंद्र चावला लड़की पक्ष से रिश्ते की बात को आगे बढ़ाने के लिए अलीगढ़ आया था। इस रिश्ते के लिए बहुत मोटी डील होने वाली थी। लेकिन इन दोनों की गिरफ्तारी होने से बन्नादेवी क्षेत्र का यह बड़ा व्यक्ति अपनी बेटी के रिश्ते के नाम पर मोटी ठगी का शिकार होने से बच गया।
किराए की गाड़ी पर लगा रखी थी नीली बत्ती
जिस गाड़ी पर राजेंद्र चावला और अनुज चावला ने नीली बत्ती लगा रखी थी, वह गाड़ी लखनऊ के यादव ट्रैवल्स से किराए पर ली गई थी। ट्रेवल एजेंसी वाले को बताया था कि वह कोविड-19 की एक गोपनीय जांच के सिलसिले में जा रहे हैं। यह बात बाप और बेटे ने लड़की वालों को भी बताई। लड़की वालों को यह बताया गया कि गृह मंत्रालय की ओर से वह यहां पर महामारी के दौरान जिला प्रशासन द्वारा किए गए उपायों की गोपनीय समीक्षा रिपोर्ट तैयार करने आए हैं।
गृह मंत्रालय में नौकरी के नाम पर हरदोई के युवक से ठगे दो लाख
पुलिस जांच में सामने आया है कि दोनों ने हरदोई के रहने वाले एक संजीव नाम के युवक से गृह मंत्रालय में नौकरी लगवाने के नाम पर दो लाख रुपए ठग लिए। संजीव नाम का यह युवक सोशल मीडिया पर लगातार इनको कोस रहा है। उसका कहना है कि भगवान तुमको इसकी सजा देगा। मैंने ब्याज पर रुपये लेकर तुम लोगों को दिए थे और तुमने मेरे साथ विश्वासघात किया। दिलचस्प बात यह है कि इस संजीव नाम के युवक की मुलाकात भी राजेंद्र चावला से कृपाल रुहानी मिशन सत्संग में हुई थी।
लखनऊ में आलीशान कोठी और आधा दर्जन लग्जरी गाड़ियां
बाप बेटे की ठग जोड़ी के पकड़ में आने के बाद अलीगढ़ पुलिस ने लखनऊ पुलिस को पूरे मामले की जानकारी दी। इसके बाद लखनऊ पुलिस राजेंद्र चावला के घर पर पहुंची तो पुलिस की आंखें फटी की फटी रह गईं। लखनऊ में राजेंद्र चावला का बेहद आलीशान मकान है और आधा दर्जन लग्जरी गाड़ियां खड़ी थीं। सभी गाड़ियों पर एयरपोर्ट के स्टीकर लगे हुए हैं। यही नहीं घर में फाइव स्टार होटल जैसी सुविधाएं हैं। लखनऊ पुलिस ने पूरे घर को अपनी निगरानी में ले लिया है और इस मामले की गहराई से जांच करी जा रही है।
पांच साल में पहली बार पुलिस की गिरफ्त में आए दोनों
जांच में सामने आया कि ये लोग पिछले 5 साल से इस काम में लगे हैं। लेकिन आज तक यह पकड़ में नहीं आए। इसलिए अभी यह भी तय नहीं हो पा रहा है कि इनके द्वारा शिकार लोगों की संख्या कितनी है। अब पहली बार पकड़ में आने के बाद जब इनकी गिरफ्तारी सार्वजनिक होगी तब इनके सताए लोग सामने आएंगे।
पूछताछ में बताया कि अमित चावला बीए एलएलबी हैं और राजेंद्र चावला भारत हेवी इलेक्ट्रिकल्स से रिटायर्ड एग्जीक्यूटिव अधिकारी है। पुलिस ने इसकी जांच के लिए प्रक्रिया शुरू कर दी है। पुलिस का मानना है कि हो सकता है कि ये लोग झूठ बोल रहे हों। पुलिस के मुताबिक बाप बहुत ही शातिर है। वह अपनी आयु का पूरा फायदा पुलिस से बचने के लिए उठाता रहा है।
पूछताछ के बाद ठग बाप बेटे को जेल भेजा गया
गिरफ्तार किए गए ठग बाप और बेटे अनुज चावला और राजेंद्र चावला को पुलिस ने मंगलवार की देर शाम जेल भेज दिया। अब पुलिस अदालत से इनका रिमांड हासिल करने की तैयारी करेगी। जिससे और गहनता से पूछताछ की जा सके। इस तरह इन लोगों ने पहली बार जेल के अंदर का माहौल देखा है।
गिरफ्तार पिता-पुत्र को ले जाते पुलिस कर्मी। - फोटो : CITY OFFICE