मानक पूरे करने वाले अस्पतालों, क्लीनिक, लैब और अल्ट्रासाउंड सेंटर को नियमानुसार पंजीकरण व नवीनीकरण प्रमाण पत्र दिया जा रहा है। जो मानक पर पूरे नहीं है, उन्हें मानक पूरे करने का समय दिया जा रहा है। बिना पंजीकरण के चलने वाले अस्पतालों, लैब और क्लीनिक पर विभाग कार्रवाई करेगा। टीम गठित कर दी गई है।-डॉ. नीरज त्यागी, सीएमओ
शहर से लेकर ग्रामीण इलाकों के अस्पताल के निरीक्षण करने का शासनादेश है। अस्पतालों का निरीक्षण कर कमियां मिलने पर अस्पताल व चिकित्सक को नोटिस जारी कर सीएमओ को कार्रवाई का निर्देश दिया जाता है। अभी हाल में अतरौली के ध्रुव हॉस्पिटल को नोटिस दिया गया था। अस्पताल में प्रसव से लेकर आपरेशन आदि सभी की सुविधा है। मगर पंजीकरण का कागज नहीं मिला था।-डॉ. मोहन झा, एडी हेल्थ
ग्रामीण क्षेत्रों में हाल और बदतर
गांवों में तो स्थिति और भयावह है। छोटे-छोटे कमरों में डॉक्टर का बोर्ड लगा होता है। बिना ट्रेनिंग वाले लोग इंजेक्शन लगाते हैं, ऑपरेशन करते हैं। गर्भवती महिलाओं का अल्ट्रासाउंड बिना योग्यता वाले करते हैं, जिससे बच्चे और मां दोनों की जान खतरे में पड़ती है। आश्चर्य की बात तो यह है कि परामर्श के साथ दवाएं भी उपलब्ध कराते हैं। कई बार मरीजों की तबीयत भी बिगड़ जाती है।
वर्ष-पंजीकृत अस्पतालों, लैब, नर्सिंग होम की संख्या
2021-22-668
2022-23-331
2023-24-514
2024-25-354
2025-26-230