त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव की ड्यूटी से बचने के लिए कर्मचारियों ने कोरोना संक्रमित होने का बहाना बनाने का नायाब तरीका निकाला है। इसके लिए वह बकायदा कोरोना संक्रमित होने की रिपोर्ट भी लगा रहे हैं। ऐसे 17 मामले अब तक पकड़ में आए हैं, जिनमें कोरोना की फर्जी रिपोर्ट लगाकर ड्यूटी कटवाने की बात सामने आई है। ये सभी रिपोर्ट निजी लैब के नाम पर जारी कराई गई हैं। जिलाधिकारी ने इनमें से किसी भी की ड्यूटी न काटने और फर्जीवाड़ा करने वालों के खिलाफ कार्रवाई के आदेश दिए हैं।
त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव का प्रशिक्षण शुरू हो गया है। इस प्रशिक्षण से कई कर्मचारी गायब है। कइयों ने इसके लिए अपनी व अपने परिवार वालों के कोरोना संक्रमित होने की रिपोर्ट लगा दी है। इतना ही नहीं, कई तो शादी के फर्जी कार्ड भी लेकर पहुंच रहे हैं। जिलाधिकारी ने कोरोना रिपोर्ट की जांच कराई तो सामने आया कि 17 ऐसे लोग हैं, जिन्होंने फर्जी कोरोना रिपोर्ट लगाई है। डीएम के मुताबिक इनकी ड्यूटी नहीं काटने और फर्जीवाड़े के लिए कार्रवाई के आदेश दिए हैं।