रोरावर क्षेत्र में थाने के सामने एक कंप्यूटर सेंटर पर एक बच्चे का फर्जी जन्म प्रमाण पत्र बना दिया। जब किसी जरूरत पर यह प्रमाण पत्र अदालत में लगाया और उसे सत्यापन के लिए नगर निगम भेजा गया तो वह फर्जी साबित हुआ। हैरानी की बात है कि थाना पुलिस से शिकायत हुई तो आरोपी समझौते का दबाव बनाने लगा। पुलिस ने सुनवाई नहीं की। बाद में एसएसपी से शिकायत हुई तो तत्काल ऑपरेशन 420 के तहत कंप्यूटर सेंटर संचालक पर मुकदमा दर्ज कर गिरफ्तार कर लिया गया। उसका एक भाई अभी फरार है।
पुलिस प्रवक्ता के अनुसार महफूज नगर रोरावर की नगमा ने अपने बेटे सोहिल का जन्म प्रमाण पत्र बनवाने के लिए रोरावर थाने के सामने के एक कंप्यूटर सेंटर संचालक की मदद ली। उसे चलाने वाले दो भाइयों आसिफ व सारिक ने उससे 1400 रुपये लिए और 6 मार्च को प्रमाण पत्र यह कहते हुए दे दिया कि इसे नगर निगम से बनवाया गया है।
अब किसी जरूरत पर यह प्रमाण पत्र अदालत में लगाया गया, जिसे सत्यापन के लिए नगर निगम भेजा तो 7 अक्तूबर को बताया कि प्रमाण पत्र फर्जी है। इस पर महिला ने थाने में तहरीर दी। इस पर आसिफ को बुलाकर बैठाया गया।
मगर आसिफ ने इस आरोप गलत बताते हुए समझौते की धमकी दी। इस पर महिला ने एसएसपी को शिकायत दी। मामले में एसएसपी के निर्देश पर मंगलवार को मुकदमा दर्ज कर आसिफ को गिरफ्तार किया है। इसके पास से मोबाइल फोन, कंप्यूटर, मानिटर, माउस, की-बोर्ड, सीपीयू व एक प्रिंटर बरामद किया गया है। उसका भाई अभी फरार है।
डेंगू का एक और मरीज मिला
डेंगू मरीजों के मिलने का क्रम जारी है। मंगलवार को शहर में एक और मरीज मिला है। इस तरह अब तक 113 मरीज मिल चुके हैं। डीएमओ के अनुसार इलाके में जांच व छिड़काव आदि जारी है।