तीन दिन लगातार बारिश ने शहर का जो हाल किया, वह सभी ने देखा। मगर कुछ इलाके ऐसे रहे, जहां जनजीवन अस्त-व्यस्त होकर रह गया है। हालांकि, नगर निगम के प्रयास के बाद अब इन सभी इलाकों में जलभराव कम हो रहा है। अभी कीचड़, मच्छर और गंदगी ने जीना मुहाल कर रखा है। शाहजमाल, दीवानी, जवाहर भवन आदि इलाकों में पैदल निकलना मुश्किल हो रहा है।
मच्छरों ने अपना आतंक फैलाना शुरू कर दिया है। इसे लेकर लोगों में नगर निगम के प्रति गुस्सा बरकरार है। हालांकि नगर निगम द्वारा मुख्यमंत्री के आगमन को देखते हुए शहर में हर तरफ व्यवस्थाएं दुरुस्त करने का प्रयास किया जा रहा है। अब देर रात मुख्यमंत्री का कार्यक्रम फिलहाल स्थगित होने के संकेत मिलने के बाद नगर निगम स्तर से ढिलाई बरती जा सकती है।
सीएम के दौरे को लेकर एकाएक दिखी तेजी
शनिवार और रविवार को लगातार हुई बारिश के बाद शहर के हाल बेहद बदतर थे। शायद ही कोई ऐसा इलाका था, जहां जलभराव न हुआ हो। सबसे अधिक परेशानी जिन इलाकों में हुई, उनमें से कुछ इलाके ऐसे हैं, जो अभी समस्याओं से जूझ रहे हैं। हालांकि मुख्यमंत्री के दौरे की खबर मिलते ही सोमवार रात से ही नगर निगम टीमें सक्रिय हो गईं।
रात भर शहर के इन सभी सर्वाधिक प्रभावित इलाकों में जल निकासी का इंतजाम कराया गया। सुबह होने तक अधिकांश जगहों से पानी या तो निकल गया या फिर जहां थोड़ा बहुत बचा हुआ था, वहां निकाला जा रहा था। इस पर लोग यही टीका टिप्पणी करते रहे कि अगर मुख्यमंत्री के दौरे की खबर न आती तो शायद जल निकासी इतनी जल्दी नहीं होती।
अब इन दिक्कतों से परेशान हो रहे लोग
बात चाहें शाहजमाल की करें या फिर सेंट्रल पार्क, दीवानी, जवाहर भवन, महेंद्र नगर, अचल रोड की करें तो इन सभी इलाकों में पानी तो लगभग निकल गया है। थोड़ा बहुत पानी रह गया है। मगर अभी कीचड़ और मच्छर बेहद परेशान कर रहे हैं। आलम ये है कि इन इलाकों में अभी पैदल निकलना मुश्किल हो रहा है। बीमारियों का डर अलग से बना हुआ है। इसे लेकर लोग नगर निगम की कार्यशैली के प्रति बेहद खफा हैं।
ये हैं प्रभावित इलाके
शाहजमाल, गोविंद नगर, नौरंगाबाद, मैलरोज बाईपास, कुंवर नगर, पला रोड, भुजपुरा, महेंद्र नगर, पला साहिबाबाद, सुरेंद्र नगर, छावनी, विष्णुपुरी, सुदामापुरी, डोरी नगर, जज कंपाउंड, मलखान नगर, गूलर रोड, रघुवीरपुरी, अशोक नगर आदि इलाकों में घरों में पानी घुसा। इसके अलावा विक्रम कॉलोनी, देवी नगला, कुलदीप विहार, विद्या नगर, स्वर्ण जयंती नगर, रामघाट रोड, मैरिस रोड में गलियों-सड़कों पर जलभराव। इसके अलावा जिला अस्पताल, जेएन मेडिकल कॉलेज के वार्डों तक में पानी भरा था।