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2.47 करोड़ रुपये के 500 के जाली नोट पकड़े: पीएसी सिपाही सहित चार गिरफ्तार, हथियार व गांजा बरामद

Fri, 21 Mar 2025 09:47 PM IST
चमन शर्मा अमर उजाला नेटवर्क, अलीगढ़

सार

रात करीब ढाई बजे पुलिस को गंगीरी थाना क्षेत्र में गांव मलसई व बिलौना के बीच किया कार यूपी 24-एवाई 3434 संदिग्ध हालत में खड़ी दिखाई दी। टीम ने कार की तलाशी ली तो उसमें 500 के दो करोड़ 47 लाख रुपये की जाली करंसी (बच्चा बैंक के नोट), तीन तमंचे, कारतूस व साढे छह किलो गांजा बरामद हुआ। 
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जाली नोट और गांजा के साथ पकड़े गए आरोपी - फोटो : पुलिस
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विस्तार
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पुलिस ने गंगीरी क्षेत्र से जाली नोट (बच्चा बैंक के नोट) से ठगी करने व गांजा तस्करी करने वाले गिरोह के चार सदस्य पकड़े हैं। आरोपियों में आगरा पीएसी का एक निलंबित सिपाही भी शामिल है, जिस पर जिले में कई मुकदमे दर्ज हैं। आरोपियों की कार से 2.47 करोड़ रुपये के 500 के जाली नोट, हथियार और गांजा बरामद हुआ है। 

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20 मार्च रात करीब ढाई बजे पुलिस को गंगीरी थाना क्षेत्र में गांव मलसई व बिलौना के बीच किया कार यूपी 24-एवाई 3434 संदिग्ध हालत में खड़ी दिखाई दी। टीम ने कार की तलाशी ली तो उसमें 500 के दो करोड़ 47 लाख रुपये की जाली करंसी (बच्चा बैंक के नोट), तीन तमंचे, कारतूस व साढे छह किलो गांजा बरामद हुआ। 
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कार में सवार आरोपी हसनैन अली व सलीम निवासी ककराला थाना अल्हापुर जिला बदायूं, अतीक अहमद निवासी 27/11 मेन फर्स्ट क्रास दरगाही मस्जिद एमके डीके रोड, थाना मंडी जिला मैसूर कर्नाटक व आगरा पीएसी से निलंबित सिपाही मुकेश निवासी कोडरा थाना हरदुआगंज पकड़े गए। 

पूछताछ में इन चारों ने बड़े खुलासे किए। आरोपियों में से निलंबित सिपाही मुकेश पर पहले से ही थाना खैर, महुआखेड़ा और हरदुआगंज में करीब एक दर्जन मुकदमे दर्ज हैं। इसमें बलवा, धोखाधड़ी, जान से मारने की धमकी देने, गैंगस्टर एक्ट के मुकदमे शामिल हैं। वह डेढ़ वर्ष से निलंबित है। अब उसकी बर्खास्तगी की भी प्रक्रिया विचाराधीन है। इस कार्रवाई में सीओ छर्रा महेश कुमार, एसओ सुमित गोस्वामी, एसआई सुनील त्रिपाठी, एसआई धरेंद्र सिंह की टीम शामिल रही। चारों को शुक्रवार को जेल भेज दिया गया।

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33 लाख असली लेकर देते एक करोड़ के नकली नोट

पूछताछ में उजागर हुआ कि दिल्ली के सदर इलाके से ये लोग जाली करंसी लेकर आते थे। लोगों को जाली करंसी देने के नाम पर ठगी करते थे। किसी ने अगर इनसे करंसी मांगी तो ये वीडियो कॉल पर उसे सूटकेस में माल दिखाते थे। ऊपर के नोट असली होते थे। एक करोड़ की जाली करंसी के बदले 33 लाख रुपये लेते थे। गड्डी में ऊपर और नीचे एक नोट असली लगाते थे। अधिकांश डील में रुपया एडवांस खातों में मंगवाते थे। बाद में किसी को बुलाकर सूटकेस थमा देते थे। पिछले दो वर्ष से यह धंधा चल रहा था। वहीं कर्नाटक का पकड़ा गया आरोपी इन्हें उड़ीसा से गांजा लाकर देता था, जिसे ये अलीगढ़, कासगंज व बदायूं से बेच रहे थे।

दिसंबर में जेल गए थे आरोपी
इसी तरह के अपराध में दिसंबर में दो आरोपियों हसनैन अली व सलीम को दो अन्य साथियों के साथ सिविल लाइंस पुलिस ने दो करोड़ से अधिक की जाली करंसी सहित दबोचकर जेल भेजा था। जिसमें इन्हें पिछले दिनों जमानत मिल गई। इसके बाद फिर से सक्रिय हो गए।

पुलिस में सांठगांठ, ये थे इनके ठाठ
चारों के ठाठ का अंदाजा इसी से लगा सकते हैं कि हसनैन अली ने अलीगढ़ के मेडिकल रोड पर एक फ्लैट खरीद रखा था। उसी के पिता के नाम की किया कार से व्यापार चल रहा था। साथ में कर्नाटक वाले तस्कर ने केला नगर में एक फ्लैट किराये पर ले रखा था, जिसमें सलीम उसका खाना बनाने के साथ व्यापार में हाथ बंटाने का काम करता था। वहीं पीएसी का निलंबित सिपाही रहता था। कई बार आने जाने के समय इन्हें पुलिस की मदद की जरूरत होती तो उसमें मुकेश सहयोग करता था।
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