पूछताछ में उजागर हुआ कि दिल्ली के सदर इलाके से ये लोग जाली करंसी लेकर आते थे। लोगों को जाली करंसी देने के नाम पर ठगी करते थे। किसी ने अगर इनसे करंसी मांगी तो ये वीडियो कॉल पर उसे सूटकेस में माल दिखाते थे। ऊपर के नोट असली होते थे। एक करोड़ की जाली करंसी के बदले 33 लाख रुपये लेते थे। गड्डी में ऊपर और नीचे एक नोट असली लगाते थे। अधिकांश डील में रुपया एडवांस खातों में मंगवाते थे। बाद में किसी को बुलाकर सूटकेस थमा देते थे। पिछले दो वर्ष से यह धंधा चल रहा था। वहीं कर्नाटक का पकड़ा गया आरोपी इन्हें उड़ीसा से गांजा लाकर देता था, जिसे ये अलीगढ़, कासगंज व बदायूं से बेच रहे थे।
दिसंबर में जेल गए थे आरोपी
इसी तरह के अपराध में दिसंबर में दो आरोपियों हसनैन अली व सलीम को दो अन्य साथियों के साथ सिविल लाइंस पुलिस ने दो करोड़ से अधिक की जाली करंसी सहित दबोचकर जेल भेजा था। जिसमें इन्हें पिछले दिनों जमानत मिल गई। इसके बाद फिर से सक्रिय हो गए।
पुलिस में सांठगांठ, ये थे इनके ठाठ
चारों के ठाठ का अंदाजा इसी से लगा सकते हैं कि हसनैन अली ने अलीगढ़ के मेडिकल रोड पर एक फ्लैट खरीद रखा था। उसी के पिता के नाम की किया कार से व्यापार चल रहा था। साथ में कर्नाटक वाले तस्कर ने केला नगर में एक फ्लैट किराये पर ले रखा था, जिसमें सलीम उसका खाना बनाने के साथ व्यापार में हाथ बंटाने का काम करता था। वहीं पीएसी का निलंबित सिपाही रहता था। कई बार आने जाने के समय इन्हें पुलिस की मदद की जरूरत होती तो उसमें मुकेश सहयोग करता था।