महिलाओं को अपने हक में बड़ी घोषणाओं की उम्मीद
बजट से अलीगढ़ की महिलाओं ने अपनी विशेष उम्मीदें जताई हैं। महिलाओं का कहना है कि शहर की बुनियादी सुविधाओं में सुधार प्राथमिकता होनी चाहिए। बेतरतीब सार्वजनिक परिवहन, बदहाल प्रसाधन और आर्थिक रियायतों को लेकर महिलाएं वित्त मंत्री से ठोस प्रावधानों की आस लगाए बैठी हैं। शहर के व्यस्त बाजारों में महिलाओं के लिए स्वच्छ शौचालयों का अभाव एक गंभीर समस्या है। वहीं, परिवहन के नाम पर ई-रिक्शा, ऑटो चालकों की मनमानी और सुरक्षा के अभाव ने आवाजाही को मुश्किल बना दिया है।
बजट से महिलाओं की अपेक्षा
शहर में सार्वजनिक परिवहन के नाम पर बेतरतीब ई-रिक्शा और ऑटो का बोलबाला है। न इनका कोई रुकने का ठिकाना है और न ही किराया तय है। बजट में महिलाओं के लिए सुरक्षित और सुव्यवस्थित बस सेवा या पिंक ई-रिक्शा जैसे प्रोजेक्ट्स के लिए अलग प्रवधान होना चाहिए। - आभा वार्ष्णेय, एडवोकेट
सार्वजनिक प्रसाधनों की स्थिति दयनीय है। बजट 2026 में आधुनिक स्वच्छता केंद्रों और उनके नियमित मेंटेनेंस के लिए विशेष फंड जारी हो, ताकि महिलाओं को बाजारों में शर्मिंदगी न उठानी पड़े।- बिंदू शर्मा, गृहिणी
महिला सशक्तीकरण तब होगा जब हम आर्थिक रूप से स्वतंत्र होंगी। सरकार को घर-मकान की रजिस्ट्री में महिलाओं को मिलने वाली स्टांप शुल्क छूट की सीमा और बढ़ानी चाहिए। इससे महिलाओं के नाम पर संपत्ति खरीदने का चलन बढ़ेगा और वह सुरक्षित महसूस करेंगी।- नीतू अग्रवाल, गृहिणी
सरकार को व्यापार शुरू करने वाली महिलाओं के लिए विशेष सब्सिडी और टैक्स में छूट देनी चाहिए। छोटे उद्योगों से जुड़ी महिलाओं के लिए बजट में विशेष प्रावधान होने चाहिए, ताकि वे अपनी आत्मनिर्भरता की राह आसान बना सकें।- अर्चना माहेश्वरी, कामकाजी महिला, वित्तीय संस्थान