मेरठ में तो नानखटाई न हो तो नाश्ते को अधूरा माना जाता है। देसी घी से तैयार इस नानखटाई की कीमत 300 रुपये से लेकर 450 रुपये किलो तक है । यह सामान्य नानखटाई से लेकर काजू, बादाम, मूंग बादाम, नानखटाई आदि किस्में नुमाइश की दुकानों पर अलग-अलग कीमतों पर उपलब्ध हैं।
अलीगढ़ की नुमाइश खजला, हलवा-पराठे के अलावा आलू से बने बरूले के लिए तो प्रसिद्ध है ही, इसमें खास तौर पर पसंद की जाने वाली नानखटाई भी शामिल है। जो मेरठ का एक प्रमुख व्यंजन है। गर्मियों के समय में इस मिठाई को खाने का सबसे उपयुक्त समय है। इसकी खुशबू को नुमाइश की हलवाई की दुकानों पर महसूस कर सकते हैं।
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नानखटाई के स्वाद को चखने के लिए लोग बेताब रहते हैं। समय के साथ इस प्रसिद्ध व्यंजन के कई नये रूप दिए गए हैं। जिससे इसका स्वाद और भी बढ़ गया है । मुंह में रखते ही घुल जाना, इस व्यंजन की सबसे बड़ी खासियत है। इसे बड़ी ही सावधानी के साथ तैयार किया जाता है, क्योंकि जरा सी भी चूक से इसका आकार और स्वाद दोनों ही बिगड़ सकते हैं।
मेरठ में तो नानखटाई न हो तो नाश्ते को अधूरा माना जाता है। देसी घी से तैयार इस नानखटाई की कीमत 300 रुपये से लेकर 450 रुपये किलो तक है । यह सामान्य नानखटाई से लेकर काजू, बादाम, मूंग बादाम, नानखटाई आदि किस्में नुमाइश की दुकानों पर अलग-अलग कीमतों पर उपलब्ध हैं।