पीड़िता के गांव जाने वालों को खड़ेती पुलिस
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बहुचर्चित निर्भया कांड की अधिवक्ता सीमा कुशवाहा भी गुरुवार को चंदपा आईं। वह भी बिटिया के गांव जाना चाहती थीं, लेकिन पुलिस ने उन्हें भी नहीं जाने दिया और एसआईटी जांच का हवाला दिया। इस दौरान उनकी पुलिस कर्मियों और प्रशासनिक अधिकारियों से तीखी नोकझोंक हुई। वह लौटकर थाने आ गईं। उनकी डीएम, एसपी से काफी देर तक बातचीत हुई और उन्होंने यह भी कहा कि वह पीड़ित परिवार से मिलना चाहती हैं। इसके बावजूद प्रशासन ने उन्हें गांव नहीं जाने दिया।
इस मौके पर अधिवक्ता सीमा कुशवाहा ने कहा कि कानून व्यवस्था फेल हुई है तो इसकी जिम्मेदार पुलिस है। पुलिस अपराधियों को नहीं रोक पा रही है। पीड़ितों को न्याय नहीं दिला पा रही। मेरी विवेचना अधिकारी सीओ से बातचीत हुई है। पीड़िता के भाई से भी बातचीत हुई है। जो बेटी बोल और लिख नहीं सकती थी, उसका मेडिकल कराना चाहिए था। एक सवाल के जवाब में उन्होंने कहा कि गलत तरीके से बिटिया का अंतिम संस्कार किया गया। परिवार की सहमति नहीं ली गई। महिलाएं इस देश में सुरक्षित नहीं हैं। इस देश में अभी कानून मजबूत नहीं है। कोई भी कही भी सुरक्षित नहीं है।