अयोध्या में सरयू तट के पास श्रीराम मंदिर निर्माण भूमि पूजन का मौका अलीगढ़ में एतिहासिक था। यहां भी हर हिंदू आस्थावान के मन में अयोध्या बसी है। मंदिरों में एक के बाद एक धार्मिक आयोजन हुए तो शाम को दीपोत्सव ने छटा बिखेरी। रेलवे रोड पर गुब्बारों और भगवा ध्वजों से अद्भुत सजावट की गई थी।
रामघाट रोड, सेंटर प्वाइंट, नौरंगाबाद, मसूदाबाद, स्वर्णजयंती नगर, शताब्दी नगर, एटा चुंगी बाईपास, कुलदीप विहार, विद्यानगर, सराय लवरिया, घुड़िया बाग, गूलर रोड, रघुवीर पुरी, सराय हकीम, सुरेंद्र नगर, पीएसी, सारसौल, गोंडा रोड, खैर रोड, महावीरगंज, पत्थर बाजार, जयगंज, भूखी की सराय, दुबे का पड़ाव, आगरा रोड, मदार गेट, गांधीपार्क, आईटीआई रोड सहित पूरे शहर में सैकड़ों कालोनियों में दीपावली सा नजारा दिखा। आतिशबाजी भी हुई। जयश्री राम के जयघोष भी गूंजे तो लोगों ने एक दूसरे का मुंह मीठा कराया।
अलीगढ़वासी किसी भी सूरत में अयोध्या का जश्र छोड़ना नहीं चाहते थे, इसलिए उन्होंने अलीगढ़ को अयोध्यामय कर दिया। इस बीच दोपहर दो बजे तक लोगों ने टीवी चैनलों पर इस एतिहासिक कार्यक्रम का सीधा प्रसारण देखा था, इस दौरान कई सड़कों पर सन्नाटा पसर गया था। बाजारों की दुकानों पर भी इसी एक कार्यक्रम की चर्चा थी। चर्चा के केंद्र में मंदिर में राजनीतिकरण की भी बात थी।
पक्ष विपक्ष दोनों ने अपने अपने तर्क देकर इस घटनाक्रम की विवेचना तक कर दी। बहरहाल शाम छह बजे तक माहौल फिर से राममय हो गया और लोगों ने दीपोत्सव में दीपक जला कर श्रीराम में आस्था का प्रकाश बिखेर दिया। इस दौरान कई घरों में रंगबिरंगी रोशली की झालरें भी लटकाई गई थीं।
रात 12 बज तक रुक-रुक कर आतिशबाजी की सतरंगी छटा और कुछ आवाजें अलीगढ़ के आसमानों में गूंजती रहीं। खास बात ये कि इसमें सभी वर्ग, संप्रदाय और राजनीतिक लोगों ने अपने अपने अनुसार भाग लिया। जिससे ये कार्यक्रम किसी एक दल की जागीर न बनने पाए।