महिला को दिल का दौरा पड़ा। मरीज की गंभीर हालत देखकर फौरन एनोक्सापारिन इंजेक्शन लगा दिया। इंजेक्शन लगने के बाद उनकी हालत स्थिर होने लगी। एक घंटे के बाद जेएन मेडिकल कॉलेज के लिए रेफर कर दिया। वहां पर उनको सही इलाज मिल गया और अब वह ठीक हैं।
अलीगढ़ के मलखान सिंह जिला अस्पताल में एनोक्सापारिन इंजेक्शन से हार्ट अटैक के एक मरीज की जान बच गई। अस्पताल के स्टॉक में एक इंजेक्शन है, जबकि शासन को पांच इंजेक्शन का ऑर्डर भेजा गया है।
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2 दिसंबर की सुबह 11:47 बजे जिला अस्पताल की इमरजेंसी में सारसौल की 51 वर्षीय महिला को गंभीर हालत में परिजन लाए। उन्हें सुबह 11 बजे दिल का दौरा पड़ा था। डॉ. फारूक अहमद ने मरीज की गंभीर हालत देखकर फौरन एनोक्सापारिन इंजेक्शन लगा दिया। इंजेक्शन लगने के बाद उनकी हालत स्थिर होने लगी। एक घंटे के बाद जेएन मेडिकल कॉलेज के लिए रेफर कर दिया। वहां पर उनको सही इलाज मिल गया और अब वह ठीक हैं।
पिछले दिनों शासन ने जिला अस्पताल को दो एनेक्सापारिन इंजेक्शन दिए थे, जिसकी कीमत 40 हजार रुपये है। यह इंजेक्शन मरीज को निशुल्क लगाया गया। डॉ. फारूक ने बताया कि इमरजेंसी में रोजाना सीने में दर्द की समस्या लेकर पांच-सात मरीज पहुंचते हैं। पहले हार्ट अटैक के मरीजों को फौरन रेफर कर दिया जाता था, लेकिन पहली बार हार्ट अटैक के मरीज को एनोक्सापारिन इंजेक्शन लगाया गया। इसके बाद उन्हें रेफर कर दिया गया। इस इंजेक्शन से मरीज की हालत स्थिर हो गई और उसे जेएन मेडिकल कॉलेज ले जाने का पर्याप्त समय मिल गया।
अस्पताल के स्टॉक में दो इंजेक्शन थे। इनमें एक मरीज को इंजेक्शन लग चुका है। अब पांच इंजेक्शन के लिए शासन को पत्र लिखा गया है। जल्द ही इंजेक्शन आने की उम्मीद है।-डॉ. जगवीर सिंह, सीएमएस, जिला अस्पताल