देर रात गांधी पार्क पुलिस ने मुठभेड़ के दौरान फाइनेंस कार्यालय में हुई लूट के मास्टर माइंड देवू को दबोच लिया। पैर में गोली लगने के कारण बदमाश पुलिस के हाथ आ गया। धनीपुर मंडी के पास दिनदहाड़े कैशियर को गोली मारकर 11.30 लाख रुपये की लूट को अंजाम दिया गया था। देवू पर 15 हजार का इनाम घोषित था। पुलिस कई दिनों से इसकी तलाश में जुटी थी।
10 फरवरी को फाइनेंस कंपनी के कैशियर कृष्णकांत उर्फ केके को गोली मारकर 11.30 लाख रुपये की लूट हुई। इसमें शामिल बदमाशों की गिरफ्तारी के लिए बृहस्पतिवार की रात गांधी पार्क थाना पुलिस सिंधौली बंबा के पास वाहन चेकिंग कर रही थी। तभी वहां एक बाइक पर दो से तीन लोग आते दिखे। पुलिस ने बाइक को रोकने का इशारा किया तो बाइक सवार जीटी रोड रोड से ओजोन सिटी ओर भागने लगे।
पुलिस ने इनका पीछा कर ओजोन सिटी के पास ही घेराबंदी कर रोक लिया। पुलिस के रोकते ही बदमाशों ने फायरिंग शुरू कर दी। बचाव में पुलिस की ओर से की गई फायरिंग में एक गोली एक बदमाश के दाएं पैर में लग गई। इससे वह घायल होकर वहीं गिर पड़ा। पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर लिया। उसकी पहचान देवेंद्र उर्फ देवू पुत्र रघुवीर निवासी गोरई, इगलास के रूप में हुई।
हालांकि इस बीच अंधेरे का फायदा उठाकर अन्य बदमाश भाग निकले। पुलिस घायल देवू को लेकर जिला अस्पताल पहुंची। यहां उसका उपचार जारी है। खबर पर एसएसपी आकाश कुलहरि, एसपी क्राइम अरविंद, सीओ पंकज श्रीवास्तव, संजीव आदि अधिकारी भी मौके पर पहुंच गए। बदमाश के पास से एक अवैध पिस्टल, टीवीएस बाइक और लूट के 50 हजार रुपये बरामद किए हैं।
एसएसपी के मुताबिक कैशियर लूटकांड में देवू का नाम प्रकाश में आने के बाद इस पर 15 हजार का इनाम घोषित किया गया था। पुलिस इसकी तलाश में लगी थी। पकड़े गए बदमाश के उपचार के बाद उससे पूछताछ की जाएगी, जिससे गिरोह के अन्य सदस्य पकड़े जा सकें। उन्होंने बताया कि देवू पूर्व में मथुरा से हत्या के मामले में जेल जा चुका है। इसका पूरा आपराधिक इतिहास खंगाला जा रहा है। पुलिस की शुरूआती पड़ताल में सामने आया है कि देवू ने अपने मौसेरे भाई व दोस्तों के साथ मिलकर गिरोह बनाया है।
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कंपनी के ही कर्र्मचारी ने की थी मुखबिरी
अलीगढ़। देवू के दबोचे जाने के बाद पुलिस की पड़ताल में सामने आया है कि कंपनी के ही एक कर्मचारी ने देव गैंग के साथ हाथ मिलाया था और उसकी ही मुखबिरी पर देवू ने अपने अन्य बदमाश साथियों के साथ मिलकर वारदात को अंजाम दिया था। उक्त कर्मचारी को भी रडार पर ले लिया गया है। उसकी पूरी कुंडली निकाली जा रही है। पुलिस लूटकांड के खुलासे से पहले उसे भी गिरफ्तार करने के प्रयास में लगी है।