शोध छात्र-छात्राओं के धरना के बाद अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी बैक फुट पर आ गया है। छात्राओं के लिए समर हॉस्टल एवं छात्रों को 29 जून तक हॉस्टल में रहने देने के आश्वासन के बाद सोमवार से बाब-ए-सैयद पर चल रहा छात्र-छात्राओं का धरना समाप्त कर दिया गया।
ग्रीष्म कालीन अवकाश में 15 जून से 15 जुलाई तक हास्टल खाली करने के फरमान के विरोध में छात्र-छात्रा बाब-ए-सैयद बंद कर अनिश्चित कालीन धरना पर बैठ गए थेे। एएमयू के 90 वर्ष के इतिहास में ऐसा पहली बार हुआ कि जब काफी संख्या में छात्राएं बाब-ए-सैयद पर रात-दिन धरने पर बैठी रही। सोमवार को दिन में तेज धूप एवं बारिश के बावजूद छात्राएं वहां से नहीं हटी। रात्रि में बाब-ए-सैयद पर जमी रही। इससे यूनिवर्सिटी में खलबली मच गई थी। मंगलवार को भी बारिश के दौरान छाता तानकर छात्राएं धरना पर बैठी रही। आनन-फानन में पीवीसी सैयद अहमद अली की अध्यक्षता में सभी संकायों के डीन की बैठक आयोजित कर शोधार्थी छात्रों के लिए 29 जून तक आवासीय हॉल में रहने की अनुमति दी गई। इसके साथ ही शोध छात्राओं के लिए समर हॉस्टल बनाने का निर्णय लिया गया। इस फैसले से छात्र-छात्राओं को अवगत कराने के बाद धरना खत्म हुआ। यह भी निर्णय लिया गया कि ग्रीष्मकालीन अवकाश के दौरान शोध छात्रों को सामान रखने के लिए सुरक्षित स्थान उपलब्ध कराया जाएगा। डीएसडब्लू प्रो. अनीस इस्माईल ने शोध छात्रों को यह भी भरोसा दिलाया है कि एकेडमिक काउंसिल की अगली बैठक में उन सभी का प्रयास होगा कि शोधार्थियों को छात्रावास में रहने की वर्तमान अवधि तीन साल से बढ़ा दी जाए। अभी तक एकेडमिक काउंसिल के निर्णय के मुताबिक शोधार्थियों को छात्रावास में रहने की सुविधा तीन वर्ष ही है।