मानदेय में वृद्घि और समय से मानदेय की मांग को लेकर जननपद भर के मनरेगा कर्मचारियों ने हुंकार भरी। कलेक्ट्रेट से लेकर विकास भवन तक प्रदर्शन किया। मुख्यमंत्री , ग्राम्य विकास मंत्री और विभाग के प्रमुख सचिव को संबोधित ज्ञापन अधिकारियों को सौंपे।
सपा विधायक हाजी जमीरउल्लाह को भी ज्ञापन दिया। विकास भवन में नारेबाजी के बीच अपनी शक्ति का भी प्रदर्शन किया। कर्मचारी पूरे दिन हड़ताल पर रहे। प्रदेश कार्यकारिणी के आह्वान पर उनकी हड़ताल आगे भी हो सकती है।
उप्र मनरेगा कार्मिक कल्याण संगठन के बैनर तले जिले भर के मनरेगा कर्मचारी जिला मुख्यालय पर एकत्रित हुए। सबसे पहले उन्होंने कलेक्ट्रेट पर भूमि अध्यापित अधिकारी को ज्ञापन दिया। इसके बाद विकास भवन पहुंचे। यहां उन्होंने डीसी मनरेगा अमरेन्द्र प्रताप को ज्ञापन दिया। इसके बाद वह सीडीओ डीएस सचान से मिलने पहुंचे।
सीडीओ ने दस लोगों के प्रतिनिधि मंडल को बुलवाया। प्रतिनिधि मंडल में शामिल सहायक कार्यक्रम अधिकारी राजवीर सिंह राठौर, व डा. सुशील गौतम के नेतृत्व में अनिल कुमार, सुरेन्द्र प्रकाश, विवेक, मनोज, नरेश ने सीडीओ को बताया कि नियुक्ति के समय जो मानदेय मिल रहा हैै, एक पैसे की भी वृद्घि नहीं हुई ।
मानदेय भी कई महीने तक नहीं मिलता है जबकि मनरेगा में मजदूरी करने वाले श्रमिक को 15 दिन में भुगतान मिल जाता है। सीडीओ ने कहा कि वह शासन तक उनकी बात पहंचाएंगे। नैतिक रुप से वह कर्मचारियों के साथ हैं साथ ही नसीहत दी कि कर्मचारी अपनी मांग पूरी करवाने को नियमानुसार बात रखें लेकिन जिले के विकास कार्य को प्रभावित न होने दें। सीडीओ से मुलाकात के बाद कर्मचारियों ने विकास भवन पहुंचे विधायक हाजी जमीरउल्लाह को अपनी मांगों से अवगत कराया।