धनीपुर मंडी में सुबह आठ बजे से ही मतदान ड्यूटी के लिए कर्मचारियों का पहुंचना शुरू हो गया था। चुनाव सामग्री लेने और उसका मिलान करने तक मतदान कर्मियों के बीच कहीं भी सामाजिक दूरी का पालन नजर नहीं आया।अधिकांश लोगों ने मास्क तो लगाया लेकिन दो गज की दूरी मिट गई। मजबूरी में बीमार होने पर भी कुछ कर्मी ड्यूटी पर पहुंचे।
मतपेटी, मतपत्र आदि चुनाव सामग्री के साथ सभी कर्मियों को कोरोना की किट भी दी गई। इसमें एक लीटर सैनिटाइजर की शीशी, मास्क व दस्ताने भी मौजूद थे। हालांकि मतदान करने के लिए किसी संक्रमित के पहुंचने पर उससे बचने का डर सभी कर्मचारियों में था। देर शाम तक सभी मतदान कर्मी अपने-अपने बूथों पर पहुंच चुके थे।
इनकी अपनी बात
- कोरोना के बढ़ते संक्रमण के बीच मतदान करानेे जाना बहुत ज्यादा डरावना लग रहा है। आस-पास संक्रमण तेजी से फैल रहा है। संक्रमण से बचने के लिए जो किट दी गई है, उसी से स्वयं को सुरक्षित रखने का प्रयास करेंगे।- हेमलता कुमारी, सासनी गेट।
- मैं मलेरिया-टायफाइड ग्रसित हूं। बुखार व खांसी दोनों है। डाक्टरी रिपोर्ट दिखाकर अधिकारियों से आग्रह किया लेकिन उच्चाधिकारियों ने ड्यूटी न करने पर घर पर बैठने के लिए बोल दिया। जान के साथ नौकरी बचाने के लिए ड्यूटी पर जाना पड़ रहा है। -देवेंद्र कुमार, काजिमाबाद।
- कोरोना को लेकर मन में आशंका या डर कुछ नहीं है। यदि डर रहेगा तो चुनाव नहीं करा पायेंगे। सावधानी बरतते हुए विभाग द्वारा दी गई सुरक्षा किट का इस्तेमाल कर स्वयं को बचायेंगे। सुबह से मतदान कराना है। प्रसन्न हूं। - अमर सिंह, चंडौस।
- कोराना की दूसरी लहर में कई परिचितों की मौत की खबर से मन घबराया हुआ है। विभाग ने संक्रमितों को भी वोट डालने की इजाजत दे रखी है। आखिर इन हालातों में स्वयं को कैसे सुरक्षित रख पाएंगे समझ में नहीं आ रहा।- रिंकी देवी, शिक्षामित्र।
बुढांसी के मतदान केंद्र में पंखे खराब, सैनिटाइजेशन का अभाव
बुढांसी के प्राथमिक विद्यालय में बनाए गए बूथों पर पहुंचे मतदान कर्मियों को गंदगी और गर्मी का सामना करना पड़ा। पीठासीन अधिकारी रामअवतार सिंह ने बताया कि बूथ को सैनिटाइज कराना दूर गंदगी भी साफ नहीं करवाई गई है।
भीषण गर्मी है। एक पंखा खराब पड़ा है। पीने के साफ पानी की व्यवस्था नहीं है। फर्श और गद्दे कहां से आयेंगे? कौन लायेगा? ये भी कुछ पता नहीं है। मतदान केंद्रों को लेकर दावे तो बहुत किए गए लेकिन धरातल पर काम ठीक नहीं है।