यूपी बोर्ड के हाईस्कूल व इंटर की परीक्षा परिणाम में इस बार सुधार की गुंजाइश थी, लेकिन ऐसा नहीं हो सका। इंटर के परिणाम प्रतिशत मामले में अलीगढ़ सबसे निचले यानी 75वें स्थान पर पहुंच गया, जबकि प्रदेश में कुल जिले 75 हैं।
इस बार हाईस्कूल में अलीगढ़ पिछले साल के मुकाबले एक पायदान ऊंचा यानी 54वें स्थान पर पहुंचकर पढ़ाई की उम्मीद को जिंदा रखा। वर्ष 2017 में प्रदेश में जिला हाईस्कूल के परीक्षा परिणाम में 9वें स्थान पर रहा। वर्ष 2018 में जिला 38वें स्थान व वर्ष 2019 में 55वें स्थान पर रहा। वर्ष 2017 में इंटर के रिजल्ट में जिला प्रदेश में 55वें स्थान पर रहा। वर्ष 2018 व 2019 में जिला 72वें स्थान पर रहा।
सूबे में इंटरमीडिएट के परीक्षा परिणाम में अलीगढ़ का 75वें स्थान पर पहुंचना दुर्भाग्यपूर्ण है। इसके लिए शिक्षा विभाग व प्रधानाचार्य जिम्मेदार हैं। शिक्षा का स्तर सुधरने की बजाय गिर रहा है, जो उचित नहीं है।
- डॉ. रक्षपाल सिंह, शिक्षाविद्
प्रदेश में सबसे नीचे पायदान पर अलीगढ़ है। करोड़ों रुपये हर साल खर्च होने के बाद भी अलीगढ़ में शिक्षा का बुरा हाल है। पूरे प्रदेश में अलीगढ़ की शिक्षा व्यवस्था पर सवालिया निशान लग गया है।
- प्रदीप के गुप्त, अध्यक्ष, पुरातन छात्र समिति
नकल माफिया के मंसूबों पर प्रशासन व शासन की सख्ती के चलते पानी फिर गया। अत्याधुनिक उपकरण से नकल रोकने की कोशिश की गई, जिससे परीक्षा परिणाम प्रतिशत पर फर्क पड़ा है। आने वाले समय में प्रतिशत बेहतर होगा।
- डॉ. धर्मेंद्र शर्मा, डीआईओएस