दीपावली के अवसर पर खुले में शौच जाने वालों की इस आदत को खत्म करवाने के लिए नगर निगम ने उन्हें सम्मान के साथ मिठाई खिलाकर शर्मिंदा करने की अनोखी पहल की है। इस अभियान के दौरान एक महिला के घर में तत्काल ‘इज्जत घर’ बनवाए जाने के लिए नगर आयुक्त ने दायित्व सौंप दिए हैं। 35 लोगों को खुले में शौच नहीं जाने का संकल्प दिलवाया।
दीपावली के दिन सुबह पांच बजे से शहर के छर्रा अड्डा पुल के नीचे, लोको कालोनी रेलवे ट्रैक, प्रतिभा कालोनी, हीरानगर, शाहजमाल डबल टंकी, क्वार्सी बाईपास, सीमा फाटक पंजाबी क्वार्टर सहित आठ संभावित स्थलों पर पहुंचकर खुले में शौच करने जा रहे 35 लोगों को सम्मान के साथ मिठाई खिलाकर शर्मिंदा किया और उन्हेें अपने घर में शौचालय बनाने का संकल्प दिलाया।
शर्मिंदा हुए 35 लोगों में एक महिला द्वारा घर में शौचालय न होने की बात कहने पर नगर आयुक्त संतोष कुमार शर्मा ने मौके पर परियोजना अधिकारी जावेद अहमद व स्वच्छता निरीक्षक अनिल आजाद को उसके घर में तत्काल ‘इज्जत घर’ बनवाये जाने का दायित्व सौंपा। इस महिला ने संकल्प लिया कि अब कभी खुले में शौच को नहीं जाएगी।
क्षेत्रीय नागरिक व पूर्व पार्षद सईदा खातून ने कहा कि ‘सम्मान के साथ शर्मिंदा’ नगर आयुक्त संतोष कुमार शर्मा की दूरदर्शिता प्रदर्शित करती है। उन्होंने बहुत गंभीर समस्या को भी सम्मान के साथ निस्तारित करने का प्रयास किया है। अर्थ सोसायटी की रूही खान ने कहा कि महिलाओं के लिए शौचालय बेहद जरूरी है। आजाद फाउंडेशन से शाजिया सिद्दीकी ने कहा कि हर घर में शौचालय बनाने का नगर निगम का प्रयास सराहनीय है।
अभियान में नगर आयुक्त संतोष कुमार शर्मा, संयुक्त नगर आयुक्त शिव पूजन यादव, सहायक नगर आयुक्त विकास कश्यप, संजीव वर्मा, नगर स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. शिव कुमार, मुख्य अभियंता यशवंत कुमार, डॉ. संजीव कुमार, अजीत राय, सभापति यादव, राजेश गुप्ता, रामबाबू चौधरी, धर्मवीर सिंह, अहसन रब आदि थे।