मथुरा-बरेली राष्ट्रीय राजमार्ग पर मंगलवार को विद्युत लाइन व टावर की शिफ्टिंग का कार्य किया गया। इस कारण 33/11 केवी के तीन उपकेंद्र व फीडरों की विद्युत आपूर्ति सुबह नौ से शाम पांच बजे तक कुल आठ घंटे बाधित रही। 37 गांवों के उपभोक्ताओं को परेशानी का सामना करना पड़ा।
सुबह नौ बजे से इस काम की शुरुआत की गई। इस कारण 33/11 केवी उपकेंद्र लहरा से पोषित 11 केवी जोगिया (पीटीडब्ल्यू), 11 केवी लहरा (पीटीडब्ल्यू) व 11 केवी लहरा (ग्रामीण) से जुड़े इन गांवों की बिजली ठप हो गई। भीषण गर्मी में बिना बिजली के इन फीडरों से जुड़े गांवों और क्षेत्रों के उपभोक्ताओं को काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ा। कूलर और पंखे शोपीस बन रहे। बूंद-बूंद पानी के लिए लोग तरसते रहे। घरेलू कामकाज भी नहीं हो सकें। बिजली गुल रहने का असर फसलों की सिंचाई पर भी पड़ा। शाम पांच बजे के बाद काम पूरा होने पर विद्युत आपूर्ति बहाल हो सकी।
मथुरा-बरेली राष्ट्रीय राजमार्ग पर आने वाली 132 केवी लाइन और टावर की शिफ्टिंग व उसे ऊंचा करने का कार्य किया गया। इस कारण सुबह नौ बजे से शाम पांच बजे तक विद्युत आपूर्ति बाधित रही। कार्य पूरा होने पर आपूर्ति को बहाल कर दिया गया।
-होपेंद्र कुमार, अधिशासी अभियंता विद्युत पारेषण खंड।