इस घटना की जांच में पुलिस ने पाया कि बदमाश घर के अंदर मुश्किल से 8 से दस मिनट तक रुके। इसके बाद वे महावीर पार्क की गलियों में ही घूमते हुए निकले हैं। देर शाम तक पुलिस ने 50 से अधिक सीसीटीवी देखे। मगर वे गलियों से बाहर आते नहीं दिखे। मगर इतना जरूर अंदेशा है कि जिस तरह बदमाश गलियों से घूमते दिखे। उससे वे सेंटर प्वाइंट की ओर जाते दिखे हैं। अब पुलिस रात में सेंटर प्वाइंट के सीसीटीवी भी देखेगी। इधर, घर में लगे सीसीटीवी का डीवीआर खराब मिला है।
साथ में दुपट्टा लाए थे बदमाश
इस घटना में बदमाश जो दुपट्टा लाए थे। उसे यूं ही महिला के हाथ पांव बांधने के चलते छोड़ गए। उस दुपट्टे को लेकर परिवार ने कहा कि ये हमारा नहीं है। इससे अंदेशा लगाया गया है कि बदमाश खुद ही अपना दुपट्टा साथ लेकर आए थे। साथ में जिस तरह उन्होंने आते ही अंदर महिला को धक्का देकर बंधक बनाया। उससे यह अंदेशा लगाया जा रहा है कि उन्हें महिला के अकेले होने की भनक थी। इसीलिए वे चंद मिनट में वारदात को अंजाम देकर भाग गए।
महावीर पार्क में पहले भी हुईं वारदात
महावीर पार्क इलाका शहर का पॉश इलाका कहा जाता है। यहां तमाम कारोबारी, सरकारी व निजी क्षेत्र के अफसरों के आवास हैं। इस इलाके में लूट व चोरी की कई संगीन वारदात पिछले कुछ वर्षों में हुई हैं।
पिछले दिनों शहर में बदमाशों के दिन में सक्रिय होने की अफवाह उड़ी थी। उनके विषय में लोगों ने कहा था कि वे दिन में ऐसे घरों को चिह्नित करते हैं, जिनमें या तो बुजुर्ग लोग अकेले रहते हैं। या फिर घरों में ताले लगे रहते हैं। उन घरों की तांक झांक कर पूरी जानकारी जुटाने के बाद वे वारदात करते हैं। इसे लेकर अंदेशा है लगाया जा रहा है कि कहीं वही गिरोह तो इस घटना को अंजाम नहीं दे गया।
घंटों तक बदहवाश रही बुजुर्ग महिला, कुछ न बोल पाई
इस वारदात के बाद कुलदीप की मां राजकुमारी की हालत सबसे ज्यादा खराब रही। पुलिस, परिजनों व रिश्तेदारों के आने के घंटों बाद तक भी वह इतनी डरी रही कि खुद को संभाल नहीं पा रही थी। बदमाशों ने जिस अंदाज में उसे आते ही अंदर धकेल कर बंधक बनाया। फिर तमंचा ताना। उससे वह इतनी डर गई थी कि वह बाल-बाल बच गई।