एएमयू संस्कृत विभाग के चेयरमैन प्रो. खालिद बिन यूसुफ खान एवं उनकी बीवी यास्मीन खालिद के बीच तलाक की लड़ाई में उनकी दोनों बेटियां इला और इब्रा एक-दूसरे की दुश्मन बन गई हैं। इब्रा ने रविवार को पिता और उनके साथियों पर मुकदमा दर्ज कराया था, तो सोमवार को इला अपने पिता के पक्ष में सामने आ गई। उसने अपनी मां और बहन के खिलाफ मीडिया के सामने खूब बयान दिए।
प्रो. खालिद एवं यास्मीन खालिद के बीच तलाक की लड़ाई में छोटी बेटी इब्रा अपनी मम्मी, तो बड़ी बेटी इला पिता के साथ है। रविवार को इब्रा द्वारा पिता के खिलाफ थाने में गंभीर मामले में एफआईआर दर्ज करायी गयी। मीडिया में खबर आने के बाद बड़ी बेटी इला अपने पिता के पक्ष में खुलकर सामने आ गई हैं। लखनऊ से फोन पर इला ने बताया कि उनकी मम्मी यास्मीन एवं इब्रा पापा पर वाट्सएप पर तीन तलाक देने का झूठा आरोप लगा रही हैं।
उनके पिता ने दो गवाहों की मौजूदगी में मम्मी को पहला तलाक मौखिक रूप से इस्लामिक लॉ के अनुसार दिया था। उस समय वह स्वयं वहां मौजूद थी। उसके बाद रजिस्टर्ड पोस्ट से मम्मी को पहले तलाक से संबंधित कागज भेजे, जिसे स्वीकार नहीं किया गया। बाद में पापा ने वाट्सएप से पहले तलाक से संबंधित पोस्ट किया। दूसरा तलाक एक महीने बाद दिया और तीसरा अभी दिया भी नहीं है। इला का कहना है कि वाट्सएप से तीन तलाक का मामला ही नहीं है।
इला का कहना है कि उनकी मम्मी नेतागिरी करती हैं और दिनभर घर से बाहर रहती हैं। वह सपा महिला इकाई की महानगर अध्यक्ष रह चुकी हैं। पापा द्वारा आर्थिक मदद नहीं दिये जाने के सवाल पर इला का कहना है कि मम्मी झूठ बोल रही हैं। वह पापा के जिस मकान में रह रही हैं, उसका बिजली बिल 23 अक्तूबर 2017 को पापा ने जमा किया है। राशन-पानी के लिए भी नकद पैसे पापा ने मम्मी को दिये हैं।
इला का आरोप है कि पापा-मम्मी के ज्वाइंट लॉकर को मम्मी ने गत दिनों खाली कर दिया। उसमें सैयद कॉलोनी स्थित उनके मकान के कागज एवं ज्वैलरी आदि थे। मम्मी उनके साथ बदतमीजी करती थीं और डंडे से मारती-पीटती थीं। उनकी नजर पापा के मकान एवं संपत्ति पर है। वह पापा से 50 लाख रुपये और मकान मांग रही हैं। इला का कहना है कि मम्मी आज तक हमलोगों को नाना-नानी के पास लेकर नहीं गईं। हमलोग अपने ननिहाल के किसी व्यक्ति से परिचित नहीं हैं। शादीशुदा होने के बावजूद मम्मी ने झूठ बोलकर पापा से शादी की।
इला का यह भी आरोप है कि दिल्ली में हिंदू महिला (मनीषा) के नाम से मम्मी का फ्लैट है। वह सारे सबूत दिखाने को तैयार है। मीडिया वाले उसे देश की जनता के सामने लाएं। इला का कहना है कि पैसे का लोभ दिखाकर मम्मी ने इब्रा को अपने पक्ष में कर लिया है। उसे भी पैसे का लालच दिया था। दूसरी तरफ यास्मीन खालिद का कहना है कि इला को रोज खर्च करने के लिए दो हजार रुपये मिल रहे हैं, इसलिए वह पापा के पक्ष में बोल रही है।
इला-इब्रा के सपोर्ट में आए थे शहर के कलाकार
कभी टीवी पर एक साथ संगीत का जादू बिखेरनी वाली इला-इब्रा अब एक-दूसरे के विरोध में खड़ी हैं। इंडियाज गॉट टैलेंट के सीजन 4 में जब दोनों बहनें पहुंचीं तो शहर के कलाकारों में हर्ष का माहौल था। वे इला-इब्रा के सपोर्ट में खड़े थे। यहां के अधिकतर बच्चे एवं युवा इला-इब्रा की गायकी से परिचित हैं। एएमयू के कैनेडी हॉल से लेकर शहर के कई मंचों पर अपनी गायकी का जलवा बिखेर चुकी हैं। इला-इब्रा दिल्ली यूनिवर्सिटी से लेकर देश के कई शहरों एवं कलर्स टीवी, ईटीवी उर्दू, महुआ आदि चैनल्स पर गा चुकी हैं।
वाट्सएप पर तीन तलाक का मुकदमा दर्ज नहीं
तीन तलाक मामले में पति प्रो. खालिद बिन यूसुफ के खिलाफ एफआईआर कराने से पहले यास्मीन खालिद एक बार बातचीत करना चाहती हैं। उनका कहना है कि वह तीन तलाक मामले में अपने पति के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराएंगी। लेकिन इससे पहले वह उनसे बातचीत करना चाहती हैं। बातचीत कराने में पुलिस या कोई अन्य मध्यस्थता करा सकता है। उल्लेखनीय है कि वाट्सएप के माध्यम से पति पर तीन तलाक देने का आरोप लगाने वाली यास्मीन खालिद ने अभी तक उनके खिलाफ एफआईआर दर्ज नहीं कराई है। उनकी छोटी बेटी इब्रा ने रविवार को अपने पिता के खिलाफ थाना सिविल लाइन में मुकदमा दर्ज कराया था। उनका आरोप है कि 10 नवंबर को दोपहर में वह अपने भाई उसैद के साथ मां की गैर मौजूदगी में घर पर पढ़ाई कर रही थी। तभी पिता खालिद के साथ उनके साथी वसीम रजा और शहनवाज घर आए। दरवाजा नहीं खोलने पर खालिद जोर-जोर से चिल्लाने लगे कि दरवाजा खोलो, वरना आग लगाकर जिंदा जला देंगे। घबरा कर उन्होंने मां को फोन किया। मां ने 100 नंबर पर फोन किया तो पुलिस पहुंची। पुलिस के आने से पूर्व तीनों आरोपियों ने सभी दरवाजों पर बाहर से ताले लगाकर भाई-बहन को बंद कर दिया। पुलिस ने आकर ताला तोड़वाये। इब्रा का यह भी आरोप है कि उनके पिता व उनके साथी कह रहे थे कि एक न एक दिन तो हमारे हाथों मारे ही जाओगे।
जांच सौंप कर तटस्थ की भूमिका में एएमयू प्रशासन
अलीगढ़। मोबाइल पर तलाक मामले के आरोप में फंसे संस्कृत विभाग के चेयरमैन प्रो. खालिद बिन यूसुफ खान मामले की जांच पर्सनल सेल को सौंप दी गई है। उसके बाद एएमयू प्रशासन तटस्थ की भूमिका में है। एएमयू पीआरओ आफिस के एमआईसी प्रो. शाफे किदवई ने बताया कि पर्सनल सेल को जांच सौंप दी गई है।
प्रो. खालिद से शादी से पहले मैं जब 10 वीं कक्षा में थी, तब मेरा निकाह हुआ था लेकिन पूरा नहीं हुआ था। बाद में वह मान्य नहीं रहा। मेरे पति गलत आरोप लगा रहे हैं। दरअसल वह अपनी जिंदगी से मुझे निकालकर फेंकना चाहते हैं। करीब 22 साल साथ रहने के बाद इस उम्र में कहां जाऊंगी। - यास्मीन खालिद
वाट्सएप पर तीन तलाक का मामला गलत तरीके से पेश किया जा रहा है। मैंने इस्लामिक लॉ के अनुसार पहला तलाक दो लोगों की मौजूदगी में दिया था। यास्मीन मुझे व बच्चों को प्रताड़ित करती है। घर में नहीं घुसने देती। मेरे गर्म कपड़े उसी घर में हैं। मैं बड़ी बेटी इला के साथ किराये के मकान में रह रहा हूं। उसने शादीशुदा होने के बावजूद झूठ बोल कर शादी की। सभी साक्ष्य मेरे पास हैं। - प्रो. खालिद बिन यूसुफ खान
प्रो. खालिद की गिरफ्तारी की तैयारी में पुलिस
लखनऊ से अलीगढ़ आने पर प्रो. खालिद बिन यूसुफ की गिरफ्तारी संभव है। रिपोर्ट दर्ज होने के बाद प्रो. खालिद को गिरफ्तार करने के लिए पुलिस प्रयासरत है। यह प्रकरण यूजीसी एवं मानव संसाधन विकास मंत्रालय तक पहुंच गया है। संघ के करीबी लोग भी इसमें सक्रिय हैं। संकेत हैं कि यही लोग प्रो. खालिद को गिरफ्तार कराने पर अड़े हैं। इसी क्रम में सोमवार को पुलिस ने पता किया कि खालिद लखनऊ में हैं, तो उनके यहां आने का इंतजार चल रहा है। उल्लेखनीय है कि प्रो. खालिद इन दिनों शैक्षणिक कार्यों के सिलसिले में लखनऊ में हैं।