फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

बर्फ के बीच एक वक्त खाकर गुजारे आठ दिन

Fri, 28 Sep 2018 01:40 AM IST
न्यूूज डेस्क, अमर उजाला, अलीगढ़।
विज्ञापन
भारतीय वायु सेना ने एयर लिफ्ट कर निकाले गए पांच दोस्त। - फोटो : Dig Vishal
विज्ञापन
‘हमने एक वक्त में खाना खाकर आठ दिन गुजार दिए। एक दिन मानो, एक साल के बराबर लग रहा था। जिंदगी ठहर सी गई थी। जब भारतीय वायु सेना के हेलीकाप्टर की आवाज सुनाई दी, तब हमारे साथ कुल 42 लोगों की उदास भरी जिंदगी में कोलाहल हो उठा’। यह शब्द हैं हिमाचल प्रदेश के छोटा दड़ा इलाके में बर्फ के बीच आठ दिनों से फंसे पांच दोस्तों के। दोस्तों ने अमर उजाला से अपनी आपबीती सुनाई। बता दें कि पांचों दोस्तों का आठ दिन से अपने परिजनों से संपर्क टूटा हुआ था। 
विज्ञापन


महानगर के जमालपुर निवासी मोहम्मद फैसल पुत्र शमीम ने बताया कि 20 सितंबर को दोपहर 1:30 बजे दोस्त दानिश पुत्र मोहम्मद शाकिर निवासी जमालपुर, आरिफ अली पुत्र हैदर अली निवासी सिविल लाइंस बलिया, मोहम्मद सालिम पुत्र सैयद शाईक अली निवासी भुजपुरा व मोहम्मद साबिद निवासी सहसवान बदायूं के साथ मनाली से बुलेट लेकर रोहतांग यात्रा पर रवाना हो गए थे।

चंद्रताल से करीब 17 किलोमीटर दूर पहुंचे थे, तभी मौसम खराब होने लगा। कुछ दूरी चलकर पीडब्ल्यूडी गेस्ट हाउस में सभी रुक गए, जहां पहले से 37 लोग रुके थे। लगातार मौसम खराब हो रहा था। आठ दिन तक सिर्फ एक वक्त में दाल-चावल खाने को मिलता था। मोबाइल से नेटवर्क गायब था।
विज्ञापन


बिजली व्यवस्था चरमरा गई थी। ऐसे में परिजनों से संपर्क नहीं हो पा रहा था। हर कोई उदास था। बच्चे परेशान थे। महिलाओं के माथे पर चिंता के बल उभरे थे। हर तरफ मायूसी ही मायूसी छाई थी। एक-दूसरे को लोग दिलासा देते नजर आ रहे थे। ढाढ़स बंधाते कि मदद करने कोई न कोई आएगा। हार मत मानिए। दिलासा भरे माहौल में आठ दिन गुजर गए। अंतिम बार परिजनों से 20 सितंबर को बात हुई थी।

फैसल ने बताया कि आठ दिन के बाद गुरुवार को वायु सेना के जवान हेलीकाप्टर से फंसे 42 लोगों को एयर लिफ्ट किया। पहले बच्चों को, फिर महिलाओं को रेस्क्यू किया। शाम चार बजे हम दोस्तों सहित अन्य पुरुषों को भी एयर लिफ्ट करके कुल्लू में छोड़ा। जब कुल्लू में लोग उतरे तो उनके चेहरे खिले थे। उधर, पांच दोस्तों ने जब अपने परिजनों से संपर्क किया, तब उनके घरों में खुशी का माहौल छा गया। जो आठ दिन से सदमे में था।
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें