शाहजमाल में दो ईदगाह हैं। उसके नाम भी अलग-अलग हैं। एक का नाम नई ईदगाह है, जबकि दूसरी पुरानी ईदगाह के नाम से जानी जाती है। इसका जिक्र इसलिए करना पड़ रहा है कि पुरानी ईदगाह में मंगलवार रात पुलिस आई थी, जिस पर कुंडा तोड़ने का आरोप लगा है, जो मस्जिद का निर्माण कार्य देखने आई थी। हालांकि, काफी महीनों से बंद है।
नई ईदगाह में ईद व बकरीद की नमाज से पहले इसी पुरानी ईदगाह में ही साल में दो बार यानी ईद व बकरीद की नमाज पढ़ी जाती थी। नमाजियों की तादाद बढ़ने से जगह कम पड़ने लगी। यहां तक कि कब्रिस्तान में भी जमातें बनती थीं। भविष्य में आने वाली परेशानियों को मद्देनजर रखते हुए शहर काजी मौलाना असद उल्ला व शहर मुफ्ती अब्दुल कयूम ने नई ईदगाह बनाने का ख्वाब देखा था, जो सितंबर 1984 में नई ईदगाह की शक्ल में सामने आया था। पहली बार बकरीद की नमाज पढ़ी गई थी। दुर्योग से दोनों शख्सियतें अब दुनिया में नहीं हैं। आखिरी बार वर्ष 1984 में ईद की नमाज पुरानी ईदगाह में पढ़ी गई थी। पुरानी ईदगाह में ईद व बकरीद की नमाज न होने से करीब डेढ़-दो साल पहले एक बड़ी मस्जिद बननी शुरू हो गई। दो मंजिला बन चुका है। बाकी बनना बाकी है। वजह भले ही दूसरी रही हो, लेकिन एक बार फिर पुरानी ईदगाह में उतनी भीड़ उमड़ी, जितनी 37 साल पहले ईद की नमाज में थी।
भरोसा है, लोग शहर में अमन कायम रखेंगे : शहर मुफ्ती
अलीगढ़। शहर मुफ्ती मोहम्मद खालिद हमीद ने अमर उजाला से कहा कि मुझे जानकारी दी गई थी कि शाहजमाल स्थित पुरानी ईदगाह में निर्माणाधीन मस्जिद में पुलिस ने ज्यादती की। बुलावे पर वह पहुंचे, जितना बताया जा रहा था, उससे वहां अलग पाया। कुछ हुआ है। थोड़ा बहुत नुकसान भी हुआ है। इतनी तोड़फोड़ नहीं हुई है। उमड़ी भीड़ लोगों को समझाया गया। देहली गेट के थानाध्यक्ष भी पहुंच गए।
शहर मुफ्ती ने कहा कि थानाध्यक्ष ने कहा कि गेट को जो नुकसान पहुंचा है, उसकी मरम्मत करा देंगे। साथ ही माफी भी मांगी। मैंने उनसे कहा कि भविष्य में इस तरह की घटना नहीं होनी चाहिए, जिसका वादा भी उन्होंने किया। शहर मुफ्ती ने कहा कि जिस तरह से इकट्ठा होने की अफवाहें फैलायी जा रही हैं, जिसकी जरूरत नहीं है। अपने-अपने घरों में बैठें। अमन कायम करने की कोशिश करें। हालात जो हैं, अगर खुदा न खास्ता बिगड़ गया, तो संभाले संभल नहीं पाएगा। इसलिए जरूरत है कि अपने घर पर सुकून के साथ बैठिए। कोई ऐसी हरकत न करें, जिससे शहर का सुकून छिन जाए। उन्होंने कहा कि मुझे उम्मीद है मेरी बातों पर लोग अमल करेंगे और ऐसा काम नहीं करेंगे, जिससे शहर का अमन बिगड़े।
निर्माणाधीन मस्जिद पहुंचे पूर्व विधायक जमीरउल्लाह
अलीगढ़। शाहजमाल स्थित पुरानी ईदगाह में निर्माणाधीन मस्जिद में बुधवार दोपहर करीब एक बजे सपा के पूर्व विधायक जमीर उल्लाह खां वस्तु स्थिति जानने पहुंचे। उन्होंने कहा कि वह ऐसी गैरजिम्मेदाराना घटना की कड़े शब्दों में निंदा करते हैं पुरानी ईदगाह में पुलिस ने जिस तरह गैर जिम्मेदाराना रवैया अपनाते हुए धार्मिक स्थल में कुछ लोगों के साथ मारपीट और बदतमीजी की है, उससे एक बहुत बड़ा झगड़ा हो जाता। इसलिए मौके पर पहुंचकर उन्होंने लोगों को समझा-बुझाकर मामला शांत कराया। दोषी कर्मियों के खिलाफ आईजी, डीएम, एसएसपी के खिलाफ मुकदमा दर्ज करने के लिए तहरीर दी। जमीरउल्लाह ने कहा कि भविष्य में इस तरह की घटना की पुनरावृत्ति न हो।
दोषी पुलिस कर्मियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग : बिजेंद्र
अलीगढ़। सपा के वरिष्ठ नेता चौ. बिजेंद्र सिंह ने कहा कि शाहजमाल की घटना पुलिस की अव्यवहारिकता तानाशाही और गलती का परिणाम है। पूर्व सांसद ने कहा कि ईदगाह में ताला तोड़कर दो तीन व्यक्तियों की पिटाई करना गलत सूचना अव्यवहारिकता और तानशाही नहीं है, तो क्या है। मंडल के आला अधिकारियों से मिलकर मांग की है कि पुलिस ने निर्दोष लोगों को पीटा है जिनकी गंभीर चोटें आईं हैं। उन दोषी पुलिस कर्मियों के खिलाफ जांच कर कार्रवाई करें।