एएमयू में भारत-थाईलैंड शैक्षणिक व सांस्कृतिक आदान-प्रदान कार्यक्रम-2026 आयोजित हुआ। इसका उद्देश्य दोनों देशों के रिश्तों को नई ऊंचाई देना है। कार्यक्रम में शैक्षणिक सहयोग, संयुक्त शोध और सांस्कृतिक समझ बढ़ाने पर जोर दिया गया।
सर सैयद फाउंडेशन ने एएमयू के सांस्कृतिक शिक्षा केंद्र, भारत में थाई विद्यार्थी संघ की अलीगढ़ शाखा और एएमयू पूर्व छात्र संघ, थाईलैंड के सहयोग से यह आयोजन किया। वक्ताओं ने शिक्षा और सांस्कृतिक संवाद को अंतरराष्ट्रीय रिश्तों का प्रभावी माध्यम बताया। युवाओं और पूर्व छात्रों की सक्रिय भागीदारी से सहयोग के नए रास्ते खुल सकते हैं। क्रिर्क विश्वविद्यालय के सुरक्षा व शांति प्रबंधन निदेशक डॉ. बंडित अरोमन ने शैक्षणिक साझेदारी की भूमिका रेखांकित की।
एएमयू पूर्व छात्र संघ थाईलैंड के महासचिव डॉ. अरोमन ने शैक्षणिक सांस्कृतिक सहयोग को मजबूत बनाए रखने की आवश्यकता बताई। थाईलैंड के कृषि व सहकारिता मंत्रालय के पूर्व अधिकारी बूनसेर्म सुकपिन्यो ने पूर्व छात्रों के संपर्क को संबंधों का आधार बताया।
शोध और अंतरराष्ट्रीय समझ के नए रास्ते
सांस्कृतिक शिक्षा केंद्र के समन्वयक प्रो. रिजवान खान ने कहा कि आदान-प्रदान से अंतरराष्ट्रीय समझ विकसित होती है। इससे संस्थानों के बीच साझेदारी मजबूत होती है और संयुक्त शोध को विस्तार मिलता है। कुलपति के विशेष कार्याधिकारी प्रो. असफर अली खान ने ज्ञान के आदान-प्रदान में शैक्षणिक सहभागिता को महत्वपूर्ण बताया। अंतरराष्ट्रीय विद्यार्थियों के पूर्व सलाहकार प्रो. सैयद अली नवाज जैदी और एसटीएस स्कूल के प्रधानाचार्य फैसल नफीस ने विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास पर जोर दिया।